सोनीपत। विमुक्त एवं घुमंतू जाति का इतिहास वीरता से भरा है, इनकी वीरता से घबराकर अंग्रेजों ने 1871 में इन जातियों पर क्रिमिनल ट्राइबल एक्ट लागू कर दिया था। जिससे उनकी गतिविधियों पर नजर रखी जा सके। आजादी के पांच साल बाद 31 अगस्त 1952 को इन जातियों को क्रिमिनल ट्राइबल एक्ट से मुक्त घोषित किया गया।
यह बात विमुक्त एवं घुमंतू जाति सलाहकार समिति के पूर्व चेयरमैन एवं मेयर राजीव जैन ने विमुक्ति दिवस के अवसर पर कही। मेयर ने कहा कि अंग्रेजी शासन में इन जातियों का युवक 12 वर्ष का होते ही थाने में हाजिरी देता था और इधर-उधर जाने के लिए अंग्रेजों से पास लेना पड़ता था। यह गुलामी की पराकाष्ठा थी।
मेयर ने बताया कि सरकार ने इन जातियों के कल्याण के लिए सलाहकार समिति की अनुशंसा पर बोर्ड का गठन किया और सामाजिक, आर्थिक, शैक्षणिक उत्थान के लिए प्रयास शुरू हुए। इस दौरान अजय राठौर, मनोनीत निगम पार्षद चरण सिंह जोगी, महेंद्र सिंह, सुभाष, धीर सिंह, अजित, प्रवीन, विकास आदि उपस्थित रहे।