अलीपुर अंतर्गत झंगोला में यमुना की तलहटी स्थित एक रैनीवेल में रविवार रात को पेयजल की सफ ाई के दौरान क्लोरीन गैस का रिसाव हो गया।
लोगों ने गैस को महसूस किया तो क्षेत्र में हड़कंप मच गया। गैस के प्रभाव से बड़े इलाके में फ सलें मुरझा गई और कई किसान भी प्रभावित हुए। गैस का रिसाव रैनीवेल के एक सिलेंडर से हुआ।
वहीं दिल्ली जल बोर्ड के अधिकारियों का कहना है कि फ सलों पर भी कोई विपरीत प्रभाव नहीं पड़ेगा और कोई किसान भी प्रभावित नहीं हुआ है। उधर, आक्रोषित लोगों ने जल बोर्ड के अधिकारियों का घेराव करने की कोशिश की।
नरेला और विस्तृत देहाती इलाके में पेयजल सप्लाई के लिए यमुना की तलहटी में रैनीवेल स्थापित किए गए हैं। रविवार रात रैनीवेल नंबर दो में जल बोर्ड के कर्मचारी क्लोरीन गैस से भरे सिलेंडर को एडजस्ट कर रहे थे कि इसी दौरान उसमें रिसाव हो गया। रिसाव देखते ही कर्मचारी सिलेंडर छोड़कर भाग खड़ा हुए।
गैस तेजी से फैलने लगी। उसके प्रभाव से आस-पास खेतों में काम कर रहे कुछ किसान मामूली रूप से प्रभावित हुए। गैस का ज्यादा प्रभाव आस-पास की तैयार खड़ी फ सल पर पड़ा। कई एकड़ में फैली फ सल के पत्ते मुरझा गए।
सुबह तक कई गांवों में गैस रिसाव की बात फैल गई और किसान इकट्ठा हो गए। उन्होंने रेनीवेल की जांच कर रहे जेई केजी मिश्रा और रावत को धेरने की कोशिश की। जल बोर्ड में एई गोस्वामी ने बताया कि समझाने पर किसान मान गए। गैस रिसाव में कोई व्यक्ति प्रभावित नहीं हुआ है।
साथ ही उन्होंने यह दावा भी किया कि मुरझाई फसल 8-10 दिनों में पूर्व अवस्था में आ जाएगी और किसानों को भी कोई नुकसान नहीं होगा। उन्होंने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।