फोटो 27: सोनीपत के गांव जुआं निवासी पहलवान चिराग अपने प्रशिक्षक संजीत के साथ। फाइल फोटो
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सोनीपत। गांव जुआं के पहलवान चिराग का चयन टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम (टॉप्स) के तहत किया गया है। अब पहलवान के प्रशिक्षण का पूरा खर्च खेल मंत्रालय उठाएगा।
प्रशिक्षक संजीत ने बताया कि चिराग ने विश्व स्तर पर सोना जीता है। चिराग ने अंडर-23 में अल्बानिया की राजधानी तिराना में 21 से 27 अक्तूबर तक आयोजित हुई प्रतियोगिता में 57 किलो भार वर्ग में स्वर्ण पदक जीता था। उनका विश्व विजेता बनने का सफर संघर्ष से भरा रहा है। 2016 में चिराग के चाचा जबरदस्ती गांव स्थित अखाड़ा में लेकर गए थे। इसके बाद चिराग ने प्रशिक्षक संजीत पहलवान से गुर सीखना शुरू किया। वर्ष 2018 में पहली बार राष्ट्रीय प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीता था।
चोट के बाद भी जारी रखा खेल, बने विश्व विजेता
अखाड़ा में अभ्यास के दौरान पसली भी टूट गई थी। चिराग को वर्ष 2024 में जयपुर में आयोजित राष्ट्रीय कुश्ती प्रतियोगिता के दौरान घुटने में चोट लगी थी। डॉक्टर ने कहा था कि चिराग का खेलना मुश्किल है, लेकिन चिराग ने हार नहीं मानी। वह कड़ी मेहनत व अभ्यास के बाद करीब छह माह बाद मेट पर वापस लौटे थे और विश्व विजेता का खिताब अपने नाम कर लिया था।
अब चिराग का चयन टॉप्स में हुआ है। टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम युवा मामले और खेल मंत्रालय का एक प्रमुख कार्यक्रम है जो भारत के शीर्ष एथलीटों को सहायता प्रदान करने का एक प्रयास है। इस योजना का उद्देश्य एथलीटों की तैयारियों को बढ़ावा देना है ताकि वह ओलंपिक में पदक जीत सकें।