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Sonipat News: मुख्यमंत्री उड़नदस्ता ने नपा कार्यालय में डाला छापा, 18 अधिकारी व कर्मचारी मिले गैर हाजिर

Wed, 12 Feb 2025 03:10 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
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फोटो 16- सोनीपत के गन्नौर नगर पालिका में छापेमारी के दौरान दस्तावेजों की जांच करती मुख्यमंत्री
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गन्नौर। नगरपालिका कार्यालय में मंगलवार सुबह मुख्यमंत्री उड़नदस्ता टीम ने छापा डाला। इस दौरान 18 अधिकारी व कर्मचारी गैरहाजिर पाए गए। इनमें पांच नियमित कर्मचारी, तीन हरियाणा कौशल रोजगार निगम के कर्मचारी, चार स्थायी सफाई कर्मचारी और छह पालिका रोल के कर्मचारी शामिल रहे। तहसीलदार गन्नौर और उपमंडल अधिकारी, नायब तहसीलदार के पास दो सफाई कर्मचारियों की ड्यूटी लगी पाई गई, लेकिन इसके आदेश कार्यालय में उपलब्ध नहीं थे। टीम ने नगरपालिका क्षेत्र में कूड़ा डंपिंग प्वाइंटों का निरीक्षण किया। इनमें जरूरी सुविधाओं की कमी पाई गई। वहां कोई सीसीटीवी नहीं लगा था। साथ ही कूड़ा उठाने वाले वाहन जिनमें डोजर और पांच ट्रैक्टर-ट्रालियों में जीपीएस नहीं लगे मिले। पॉइंट पर कूड़े की छंटाई के लिए मशीन नहीं मिली। टीम ने कूड़ा निस्तारण प्रक्रिया की गंभीरता से जांच करने पर कई अनियमितता मिली। टीम ने रिपोर्ट तैयार कर उच्च अधिकारियों से अनियमितताओं और कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की सिफारिश की है।
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-कूड़ा उठान और वजन प्रक्रिया में गड़बड़ी
टीम ने 10 फरवरी को सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट पर ट्रैक्टर-ट्राली से भेजे गए कूड़े के धर्मकांटा की वजन रसीद का मिलान प्लांट के रजिस्टर से नहीं मिला। धर्मकांटे पर कार्यरत सफाई कर्मचारी नरेंद्र पर गलत तरीके से रसीद दर्ज करने और रजिस्टर में कूड़े की एंट्री नहीं करने का आरोप लगा। धर्मकांटे पर सीसीटीवी चालू नहीं मिले। जिस पर टीम ने धर्मकांटा बदलने के निर्देश दिए।

- जिन कमरों में श्रमिक रह रहे, उसके पास मिले पॉलिथीन व कागज
टीम ने निरीक्षण के दौरान पाया कि 2-3 कमरों में कुछ लेबर परिवारों के साथ रह रहे थे, जिनके पास बड़ी मात्रा में पाॅलिथीन, कागज और गत्ता एकत्रित था। यह ज्वलनशील सामग्री आग लगने की स्थिति में जान-माल के लिए बड़ा खतरा बन सकती है जो नगरपालिका की लापरवाही को दर्शाता है।
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-पार्षदों ने भी रखी शिकायत
पार्षदों ने मुख्यमंत्री उड़नदस्ता के समक्ष अपनी भी शिकायतें रखी। पार्षदों ने बताया कि नगरपालिका में करीब 2000 स्ट्रीट लाइटें आई थी, लेकिन वार्डों में स्ट्रीट लाइटें कम लगी हैं। वहीं, 17 वार्ड में मरम्मत कार्य के लिए 25 लाख रुपये आए थे। उन्हें इस बात की जानकारी नहीं है कि 25 लाख रुपये कहां खर्च किए गए। उन्होंने दोनों मामलों की जांच करने की मांग की। इस पर टीम ने लिखित में शिकायत करने की सलाह दी, ताकि नियमानुसार जांच की जा सके।
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