गोहाना। खेतों में बार-बार बिजली आपूर्ति के शेड्यूल में बदलाव किया जा रहा है। इससे किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में किसानों की मांग है कि खेतों में बिजली आपूर्ति के शेड्यूल को निर्धारित किया जाए और यदि शेड्यूल में बदलाव किया जाए तो उससे पहले किसानों को सूचना दी जाए। इसके चलते वह समय पर खेतों में जाकर सिंचाई कर सकें।
बिजली निगम किसानों को रोजाना आठ घंटे बिजली आपूर्ति की जाती है। पहले बिजली आपूर्ति एक बार में छह घंटे दी जाती थी, बाकी दो घंटे बिजली आपूर्ति कुछ समय बाद की जाती थी। किसानों की मांग पर इसे एक साथ आठ घंटे कर दिया गया। लेकिन अब बिजली निगम की तरफ से बिना सूचना के खेतों की बिजली के शेड्यूल में बदलाव किया जा रहा है। इससे किसानों को खेतों के चक्कर लगाने पड़ते हैं।
भारतीय किसान यूनियन के जिला अध्यक्ष अशोक लठवाल ने बताया कि बिजली आपूर्ति का शेड्यूल आठ घंटे का बना हुआ है, लेकिन यह शेड्यूल एक सप्ताह में तीन बार बदला गया है। इससे किसानों को परेशानी हो रही है। मौजूदा समय में किसान धान की फसल में सिंचाई कर रहे हैं। समय पर बिजली उपलब्ध नहीं होने से सिंचाई करने में उनकी परेशानी बढ़ गई है।
वर्जन
मुख्यालय में निर्देश पर खेतों की बिजली आपूर्ति के शेड्यूल में बदलाव किया जाता है। किसानों को समय के अनुसार आठ घंटे बिजली दी जा रही है। यदि किसानों को आपत्ति है तो वह कार्यालय में आकर शिकायत करें।
राजसिंह सिंहमार, कार्यकारी अभियंता, बिजली निगम, गोहाना