सोनीपत। लोकसभा प्रत्याशियों को चुनाव परिणाम घोषित होने के एक माह के अंदर चुनावी खर्च का ब्योरा जिला निर्वाचन अधिकारी कार्यालय में जमा करना होगा। भारत निर्वाचन आयोग के अनुसार तय समयावधि में चुनावी खर्च का ब्योरा न देने वाले उम्मीदवारों को भविष्य में चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य घोषित किया जा सकता है।
जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त डॉ. मनोज कुमार ने बताया कि लोकसभा चुनाव के लिए चुनाव खर्च की अधिकतम सीमा 95 लाख रुपये प्रति प्रत्याशी तय की गई थी। उन्होंने बताया कि नियमानुसार प्रत्याशी की ओर से नामांकन पत्र भरने के साथ ही चुनावी खर्च की गणना शुरू हो जाती है। इसके लिए प्रत्याशी को अलग से एक डायरी में अपने रोजाना के चुनावी खर्च का हिसाब रखना होता है। अलग से बैंक खाता भी खुलवाना होता है। चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक खर्च की गणना चलती है। इस दौरान कोई भी प्रत्याशी तय सीमा से ज्यादा पैसा खर्च नहीं कर सकता।