गोहाना। बढ़ती गर्मी के बीच हुक्के की गुड़गुड़ाहट के साथ ही सियासी पारा भी चढ़ता जा रहा है। चुनावी शोर के साथ गांवों के चौक-चौराहों व चौपाल पर चर्चाओं का जोर बढ़ने लगा है। गोहाना के गांव गामड़ी में चुनावी माहौल व समीकरणों पर चर्चा की जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि इस बार जो प्रत्याशी स्थानीय समस्याओं का समाधान करवाने और क्षेत्र के विकास की बात करेगा, उसी को वोट दिया जाएगा। उन उम्मीदवारों को वोट नहीं देंगे, जो पार्टियों का गुणगान कर वोट मांग रहे हैं।
ग्रामीण रामभज, रविंद्र व रामफल ने बताया कि गोहाना-खानपुर कलां रोड की हालत खस्ता है। खानपुर गांव के पास सड़क पर जलभराव रहता है। लोकसभा चुनाव में प्रत्याशी वोट मांगने तो आते हैं, लेकिन सड़कों की मरम्मत को लेकर कोई बात नहीं कर रहे हैं। नरेश, सत्यवान व रोहित ने बताया कि बारिश के दिनों में खेतों में जलभराव होता है, जिससे किसानों की फसल खराब होती है। किसान सिंचाई विभाग व मंत्रियों के चक्कर काटते रहते हैं, लेकिन किसानों को अपने स्तर पर ही खेतों में पानी की निकासी करनी पड़ती है। उस वक्त यह नेता कहीं नजर नहीं आते। ग्रामीणों ने कहा कि जो नेता हमारी समस्याओं का समाधान करेगा, उसको वोट देंगे।
सुरेंद्र, अजीत व सुनील ने कहा कि नेता एक-दूसरे की बुराई कर अच्छाई गिनवाने की होड़ में लगे रहते हैं, विकास कार्य करने का नाम नहीं लेते। जीत दर्ज करने के बाद जनता की समस्याओं के समाधान की तरफ नेता ध्यान तक नहीं देते हैं। प्रदीप, मंजीत व सुरेंद्र ने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य और विकास कार्य करने वाले नेता का चयन कर वोट देंगे। चुनावी पंचायत में ग्रामीणों ने एकमत से कहा कि इस बार सोनीपत लोकसभा में जातिवाद व क्षेत्रवाद पर नहीं, बल्कि नेता की छवि व क्षेत्र के विकास को ध्यान में रखकर वोट देंगे।