सोनीपत। राई स्थित हरियाणा खेल विश्वविद्यालय में ग्रीष्मकालीन शिविर का शुभारंभ कर दिया गया है। 21 जून तक चलने वाले शिविर में विद्यार्थियों को 10 प्रमुख खेलों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को राज्य और देश का प्रतिनिधित्व करने के लिए तैयार करना है। शिविर वैज्ञानिक सिद्धांतों पर आधारित रहेगा।
शिविर का शुभारंभ करने बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे खेल विभाग के उप निदेशक एवं खेल रत्न अवाॅर्डी अमित दहिया ने कहा कि विद्यार्थियों के लिए खेल व पढ़ाई को साथ लेकर चलना आवश्यक है। शिविर में अनुशासन बनाकर अधिक सीखने का प्रयास करें। खेलने की जिद और अनुशासन ही बच्चों को हर क्षेत्र में सफलता दिलाएगी। उन्होंने अभ्यास को आवश्यक बताते हुए विद्यार्थियों को प्रेरित किया कि वह शिविर की सुविधाओं का लाभ उठाएं।
कुलपति अशोक कुमार ने कहा कि शिविर में खिलाड़ियों को न केवल शारीरिक प्रशिक्षण, बल्कि मानसिक तैयारी व खेल विज्ञान के विभिन्न विषयों की जानकारी दी जाएगी। खिलाड़ी खेल पोषण, खेल मनोविज्ञान, ताकत एवं कंडीशनिंग, खेल शरीर क्रिया विज्ञान, चोट व पुनर्वास जैसे विषयों पर जानकारी हासिल कर सकेंगे। खिलाड़ियों को खेल विज्ञान बैकअप के साथ तैयार किया जाएगा। इसमें उचित आहार व स्वस्थ जीवन शैली की जानकारी भी दी जाएगी।
इन 10 खेलों का दिया जाएगा प्रशिक्षण
शिविर में विद्यार्थियों को एथलेटिक्स, बास्केटबॉल, फुटबॉल, बैडमिंटन, वॉलीबॉल, हॉकी, क्रिकेट, मुक्केबाजी, टेनिस व तैराकी का प्रशिक्षण दिया जाएगा। शिविर के पहले चरण में 130 विद्यार्थियों को मेरिट के आधार पर चयनित किया गया है।
लक्ष्य बड़ा रखें, आप में से बनेंगे ओलंपियन
कुलपति ने कहा कि उत्कृष्ट खिलाड़ी को तैयार करने में 10 से 12 साल लगते हैं, इसलिए हमें अभी से ध्यान केंद्रित करना होगा। ऐसे शिविर अन्य स्कूलों में भी आयोजित किए जाने चाहिए, ताकि प्रदेशभर से उत्कृष्ट खिलाड़ी सामने आ सकें। लक्ष्य हमेशा बड़ा रखें। आप में से ही आगे ओलंपियन बनेंगे।
फिटनेस, रुचि और कौशल के आधार पर चयन
स्कूल प्राचार्य एवं निदेशक डॉ. मौसमी घोषाल ने कहा कि विवि का सपना विद्यार्थियों को उत्कृष्ट खिलाड़ी बनाकर राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए तैयार करना है। खेल निदेशक संजय सारस्वत ने बताया कि विद्यार्थियों का चयन उनकी फिटनेस, खेलों के प्रति रुचि, कौशल के आधार पर किया गया है।
शिविर में कक्षा छठी से 12वीं तक के 10 से 17 आयु के 130 विद्यार्थियों को शामिल किया गया है। शिविर में विवि के कुलसचिव जसविंद्र सिंह, सहायक प्रोफेसर डॉ. राधिका, डॉ. गोपाल मौजूद रहे।