फोटो :26: सोनीपत बार परिसर में एसोसिएशन की बैठक के दौरान उपस्थित प्रधान अनिल ढुल व अन्य पदाधिका
सोनीपत। बार एसोसिएशन के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों ने बिना अनुमति बुलाई गई बैठक को असांविधानिक बताया है। पदाधिकारियों की बैठक में अनुशासनात्मक समिति गठित करने का निर्णय लिया गया। साथ ही गैरकानूनी तरीके से बार एसोसिएशन सोनीपत के लेटर पैड का प्रयोग किए जाने का आरोप लगाया गया।
सोमवार को बार एसोसिएशन सोनीपत के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों ने प्रधान अनिल ढुल की अध्यक्षता में बार परिसर में बैठक बुलाई। इसमें प्रधान के साथ ही उपप्रधान सोनू भारद्वाज मलिकपुर, सचिव संदीप, सहसचिव कृतिका, खजांची प्रवीन ढिल्लों मौजूद रहे। बैठक में बार एसोसिएशन के ज्यादातर वकील शामिल हुए। 7 मार्च को बिना किसी पदाधिकारी की अनुमति और बिना रिक्विजिशन (मांग) के हुई बैठक को असंवैधानिक बताया गया। आरोप था कि कुछ वकीलों ने गैरकानूनी तरीके से बार एसोसिएशन सोनीपत के लेटर पैड का इस्तेमाल कर प्रधान के खिलाफ पत्रकारवार्ता की। प्रेस नोट जारी कर सोशल मीडिया पर बार एसोसिएशन की गरिमा को ठेस पहुंचाई है।
बैठक के दौरान प्रधान अनिल ढुल ने अधिवक्ताओं को अपने विचार रखने को कहा। जिस पर बहुमत और सुझावों के आधार पर अनुशासनात्मक समिति गठित करने का निर्णय लिया गया। यह समिति 7 मार्च को असंवैधानिक बैठक करने वाले वकीलों को लेकर कार्रवाई की सिफारिश करेगी।
प्रधान की कार्रवाई को सही माना
अधिवक्ताओं ने प्रधान की तरफ से रिकॉर्ड के संबंध में की गई कार्रवाई को सही माना। शपथ ग्रहण के समय वरिष्ठ अधिवक्ता ने सभी रिकॉर्ड प्रधान को सौंपे थे। ऐसे में रिकॉर्ड की पूरी जिम्मेदारी प्रधान की बनती है। अब समिति बनाकर आगे की कार्रवाई की जाएगी।