फोटो 45- सोनीपत के श्री देवी चिट्टाने वाली माता मंदिर में महाशिव पुराण कथा का श्रवण करते श्रद्ध
सोनीपत। हलवाई हट्टा स्थित श्री देवी चिट्टाने वाली माता मंदिर के वार्षिक उत्सव पर आयोजित नौ दिवसीय महाशिव पुराण कथा एवं नवचंडी यज्ञ का चौथा दिन रहा। कथावाचक आचार्य अनुज दीक्षित ने ब्रह्मा-नारद संवाद व माता सती के प्रसंग का वर्णन किया। यजमान के रूप में आशीष गोयल, देवेंद्र, दिनेश कुच्छल व तरुण गोयल ने पूजा अर्चना कर कथा का शुभारंभ किया।
कार्यक्रम में मुख्यातिथि के रूप में श्री पंचायती ठाकुर द्वारा मंदिर, बड़ा बाजार के प्रधान अमित कुच्छल व कामी रोड काली माता मंदिर सिद्धपीठ के प्रधान प्रमोद गुप्ता, अजय वर्मा, त्रिलोकपुर वाली माता मंदिर समिति व श्री राम ज्योतिष पीठ समिति के सदस्यों ने दीप प्रज्वलित किया। आचार्य अनुज दीक्षित ने बताया कि ब्रह्मा जी ने नारद से कहा कि महादेव के बाएं अंग से भगवान विष्णु, दाएं से ब्रह्मा व मध्य अंग अर्थात ह्रदय से रूद्र देव प्रकट हुए। मैं ब्रह्मा सृष्टि करता हुआ। भगवान विष्णु जगत का पालन करने लगे। महादेव ने संहार का कार्य संभाला। इस प्रकार भगवान सदाशिव स्वयं ही तीन रूप धारण करके स्थित हुए। उन्हीं की आराधना करके स्वयं ब्रह्मा ने देवता, असुर व मनुष्य आदि संपूर्ण सृष्टि को बनाया। आचार्य ने बताया कि बिना बुलावे के सती ने पिता के यज्ञ में पहुंचकर यज्ञ कुंड में कूदकर अपने प्राण त्याग दिए। सती के शरीर के टुकड़े जहां-जहां गिरे, वहां शक्तिपीठ कहलाए। कथा में मंदिर समिति के प्रधान महेश गोयल, उप प्रधान तरुण गोयल, कोषाध्यक्ष नरेश कुमार, पंडित अमित शौनक, सचिव गौरव, विशाल गोयल, विक्रांत गुप्ता, प्रवीण कुच्छल, प्रमोद गुप्ता व पंडित राजेश शौनक मौजूद रहे।