सोनीपत। टोक्यो में पदक जीतने के साथ ही बजरंग पूनिया भी अपने गुरु योगेश्वर की तरह ओलंपिक कांस्य पदक विजेता बने गए हैं। बजरंग पूनिया योगेश्वर दत्त को अपना गुरु मानते हैं। बेशक वह स्वर्ण नहीं जीत सके, लेकिन अपने गुरु योगेश्वर दत्त की तरह वह भी देश के लिए कांस्य जीतने में सफल रहे।
बजरंग पूनिया को शुरुआत से ओलंपिक मेडलिस्ट योगेश्वर दत्त का साथ मिला है और इसलिए योगेश्वर को वह अपना गुरु मानते हैं। वह जब भी साथ रहते हैं तो अधिकतर कुश्ती को लेकर ही बात होती है। योगेश्वर को बजरंग से बड़ी उम्मीद रहती है कि वह हर जगह देश का नाम रोशन करके आएगा। ओलंपिक में भी उन्हें उम्मीद थी कि बजरंग स्वर्ण पदक लेकर आएगा। लेकिन चोटिल होने के चलते बजरंग स्वर्ण पदक नहीं जीत सका। उसके बावजूद उसने शनिवार को शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए अपने गुरु की तरह देश को कांस्य पदक दिला दिया है।