सोनीपत। शहर में गढ़ी ब्राह्मणान के पास सड़क पर लड़ रहे गोवंश की चपेट में आने से बाइक सवार मेकैनिक की मौत हो गई। मामले की सूचना मिलने पर कोर्ट कॉम्पलेक्स चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए सामान्य अस्पताल में पहुंचा। वहीं, हादसे के बाद पूर्व पार्षद संजय बड़वासनी व अन्य लोगों ने निगम प्रशासन पर गोवंश को पकड़ने में लापरवाही बरतने का आरोप लगाकर प्रदर्शन किया। उधर, निगम अधिकारी का कहना है कि शहर में गोवंश को पकड़वाने का अभियान जल्द चलाया जाएगा।
जानकारी के अनुसार गांव जुआं निवासी 48 वर्षीय अशोक इलेक्ट्रिक मेकैनिक थे। उनकी ककरोई रोड पर दुकान है। बुधवार सुबह वह बाइक पर गांव से दुकान पर जा रहा था। इसी दौरान गांव गढ़ी ब्राह्मणान के पास बेसहारा गोवंश लड़ते नजर आए। उन्होंने बाइक को साइड में रोक लिया, लेकिन गोवंश लड़ते-लड़ते अशोक के पास पहुंचे और टक्कर मार दी। इससे अशोक बाइक से गिर गए। राहगीरों ने गोवंश को दूर कर अशोक को संभाला तो उनकी मौत हो चुकी थी। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। सूचना के बाद कोर्ट कॉम्पलेक्स चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और शव का सामान्य अस्पताल में पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया। पुलिस ने मामले में 174 के तहत कार्रवाई की है।
निगम की लापरवाही से पहले भी हो चुके हादसे
बेसहारा गोवंश के कारण कई लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। इसके बावजूद गोवंश को पकड़ने के लिए निगम प्रशासन गंभीर नजर नहीं आ रहा। 22 दिसंबर 2019 को खरखौदा के दिल्ली रोड पर बुजुर्ग सब्जी विक्रेता बलदेव को सांड़ ने पटक दिया था, जिससे उनकी मौत हो गई थी। 29 जुलाई 2019 को गांव सेवली में पूर्व सरपंच राजेंद्र को सांड़ ने टक्कर मार दी, जिससे उन्होंने दम तोड़ दिया। वहीं रोजाना बेसहारा पशुओं के कारण राहगीर चोटिल हो रहे हैं। प्रदेशभर में जनवरी 2019 में बड़ा अभियान चलाकर गोवंश को पकड़ा गया था। स्ट्रे कैटल फ्री अभियान के तहत एक गोवंश को पकड़ने के लिए 800 से 1200 रुपये तक बजट खर्च किया गया था, इसके बावजूद आज तक सिटी गोवंश मुक्त नहीं हुआ है।
कैटल फ्री सिटी के दावे फेल
नगर निगम की तरफ से समय-समय पर गोवंश को पकड़ने के लिए अभियान चलाने के दावे किए जाते हैं। गोवंश को पकड़ने के नाम पर भारी-भरकम बजट भी खर्च होता है, लेकिन धरातल पर स्थिति बिलकुल विपरीत है। सड़कों पर गोवंश के झुंड दिन-रात डेरा डाले बैठे रहते हैं। निगम अफसरों का कैटल फ्री सिटी के दावे खोखले हैं।
लोगों ने किया हंगामा, पूर्व पार्षद की आंदोलन करने की चेतावनी
गोवंश की टक्कर से दुकानदार की मौत के बाद लोगों ने नगर निगम के खिलाफ जमकर रोष जताया। इस दौरान पूर्व पार्षद संजय बड़वासनियां भी पहुंचे और कहा कि लावारिश गोवंश लगातार लोगों की जिंदगी को लील रहा है। उसके बावजूद प्रशासन लावारिश पशुओं को पकडऩे की बजाय कागजों में ही खानापूर्ति कर बजट खर्च करने में लगा हैं। शहर को कैटल फ्री करने के लिए आए बजट का दुरुपयोग हुआ है। सैकड़ों लारवारिश पशु रोड व गलियों में घूम रहे हैं। उन्होंने कहा कि शहर में घूम रहे लावारिश पशुओं को पकडऩे की मांग को लेकर नगर निगम कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया जाएगा। अगर समय रहते प्रशासन ध्यान नहीं देता है तो आंदोलन किया जाएगा।
पालतू गोवंश को सड़कों पर छोड़ने वालों पर कार्रवाई की मांग
गोसेवक राम पाहुजा ने कहा कि शहर में खुले में घूम रहे गोवशं से आमजन परेशान है। गोवंश की लड़ाई में राहगीर चोटिल हो रहे हैं। नगर निगम उन्हें पकड़ता है तो गोशाला में भूखा मरने को मजबूर करता है। शहर के कई लोग दूध दोहने के बाद अपने गोवंश को सड़कों पर छोड़ देते हैं। उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
शहर में गोवंश को दोबारा पकड़वाने का अभियान चलवाया जाएगा, जिसकी तैयारी हो चुकी है। गोशाला में पहले ही ज्यादा गोवंश थे, जिसकी वजह से काम रोका गया था। अब अभियान को दोबारा से शुरू करके जल्द ही सड़कों से गोवंश हटाए जाएंगे।
- सुभाष चंद्र, ज्वाइंट कमिश्नर नगर निगम
गोवंश की टक्कर से बाइक सवार मेकैनिक की मौत होने की सूचना मिली थी। शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया गया है। मामले में 174 के तहत कार्रवाई की गई है।
- सुरेंद्र कुमार, चौकी प्रभारी, कोर्ट कॉम्पलेक्स, सोनीपत।