कोरोना काल में लॉकडाउन के दौरान आर्थिक मंदी झेल चुके बीसवां मील मार्केट के दुकानदारों को अब भी राहत नहीं मिल पा रही है। बहादुरगढ़ हाईवे के टूटने और जगह-जगह पानी भरने से बीसवां मील मार्केट की 1500 दुकानों का आसपास के दर्जनभर गांवों व सोसायटी से संपर्क कटा हुआ है। इससे काफी हद तक बाजार प्रभावित हो रहा है। वहीं नेशनल हाईवे-44 पर फ्लाईओवर निर्माण के चलते बीसवां मील चौक को बंद करने से उनकी परेशानी और बढ़ गई है। दुकानदारों ने बहादुरगढ़ हाईवे को ठीक करने व एनएच 44 पर फ्लाईओवर का निर्माण जल्द करने की मांग की है।
कोरोना संक्रमण के चलते बाजार बुरी तरह से प्रभावित हुए। लॉकडाउन का दुकानदारी पर व्यापक असर पड़ा। ऐसे में लोगों को आर्थिक संकट का सामना करना पड़ा। बाद में अनलॉक में लोगों को राहत की उम्मीद जगी थी। मार्केट खोल भी दी गई, लेकिन बीसवां मील मार्केट के दुकानदारों को राहत नहीं मिल सकी।
कई स्थानों से टूटकर बिखर चुका बहादुरगढ़ स्टेट हाईवे
बहादुरगढ़ स्टेट हाईवे कई स्थानों से टूटकर बिखर चुका है। वहीं गड्ढों में पानी भरा होने के कारण इस मार्ग से वाहन चालकों का आवागमन काफी कम हो रहा है। इस मार्ग से होकर बीसवां मील मार्केट में पहुंचने वाले करीब 12 गांवों का संपर्क मार्केट से कट गया है। जेठड़ी, जगदीशपुर, बारोटा, छतेहरा, माजरा, भौवापुर, खेड़ी मनाजात, लाडपुर, नाहरा-नाहरी, गढ़ी बिंदरौली व हलालपुर के लोग अब बीसवां मील मार्केट में नहीं आ पा रहे हैं। इसके साथ ही ट्यूलिप सिटी, मैक्स हाईट, अंसल, जिंदल रेजीडेंसी व सहारा कॉलोनी के लोग भी बीसवां मील मार्केट से नहीं गुजर रहे हैं, जिससे इनकी खरीद भी बंद हो गई है।
जीटी रोड से दूसरी तरफ के गांव भी कटे
जीटी रोड से दूसरी तरफ सेवली, जाखौली, औरंगाबाद समेत कई गांवों के लोग बीसवां मील मार्केट में खरीदारी करने आते थे। अब बीसवां मील चौक पर फ्लाईओवर निर्माण के चलते हाईवे के बीच बैरिकेड लगाकर वाहनों का आवागमन रोक दिया गया है। इसका असर भी अब दुकानदारी पर पड़ रहा है।
यह बोले दुकानदार
लोगों का आवागमन हुआ कम
बहादुरगढ़ हाईवे कई स्थानों से टूट चुका है। साथ ही गड्ढों में पानी भरा रहने से मार्ग पर आसपास के गांवों और रेजिडेंशियल कॉलोनियों के लोगों का आवागमन कम हुआ है, जिसका खामियाजा बीसवां मील मार्केट के दुकानदारों को भुगतना पड़ रहा है।
- रामफल जैन, दुकानदार
सरकार को इस दिशा में ठोस पहल करे
बीसवां मील मार्केट से गुजर रहे बहादुरगढ़ हाईवे की हालत लगातार बदतर हो रही है। कभी पानी भरने तो कभी टूटकर बिखरने से इस मार्ग पर लगातार यातायात प्रभावित होता रहता है, जिसका असर दुकानदारों पर पड़ रहा है। सरकार को इस दिशा में ठोस पहल करते हुए लोगों की समस्या को दूर करना चाहिए।
- मदन सैनी, दुकानदार
हाईवे पर आवागमन करना मुसीबतों से भरा
बहादुरगढ़ हाईवे पर आवागमन करना मुसीबतों से भरा है। ऐसे में रेजिडेंशियल कॉलोनियों के लोग सोनीपत शहर की तरफ जाने लगे हैं। बीसवां मील चौक पर हाईवे बंद होने और आगे कुंडली बॉर्डर पर किसानों के बैठने से लोगों ने अब दिल्ली जाने के लिए बीसवां मील की बजाय सोनीपत या खरखौदा से आवागमन शुरू कर दिया है।
- बिल्लू सरोहा, पूर्व प्रधान, ट्यूलिप ग्रांड सोसायटी
एनएच-44 पर बने रहे फ्लाईओवर के कारण हाईवे के दूसरी तरफ के ग्रामीण भी अब बीसवां मील मार्केट में नहीं आ रहे हैं। सड़क पार करने के लिए काफी दूर तक घूमकर आना पड़ता है। ऐसे में लोग अन्य मार्केट में जाकर खरीदारी करने लगे हैं। जिसका असर मार्केट पर पड़ रहा है। फ्लाईओवर का निर्माण जल्द कर इसके नीचे से अंडरपास शुरू किया जाना चाहिए।
- जसबीर सिंह, दुकानदार
वर्जन
स्टेट हाईवे के साथ लगते क्षेत्र में पानी निकासी के बेहतर प्रबंध के लिए खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी को लिखा जा चुका है। साथ ही एचएसआईआईडीसी को भी पानी हाईवे पर नहीं आने देने के लिए पत्र लिखा गया है। हाईवे से पानी निकासी का प्रबंध कराया जा रहा है।
- पंकज गौड़, एक्सईएन पीडब्ल्यूडी विभाग, सोनीपत।