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Sonipat News: संभलकर चलें...हाईवे के किनारे खुले हैं नाले, जरा सी चूक ले सकती है जान

Fri, 21 Nov 2025 12:32 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
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फोटो :16: नेशनल हाईवे-44 पर सोनीपत के गांव राई के पास नाले पर उबड़ खाबड़ पड़े स्लैब व उगी घास। सं
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सोनीपत। उत्तर भारत को जोड़ने वाली जीवन रेखा माने जाने वाले नेशनल हाईवे-44 पर सुरक्षा व्यवस्थाओं की पोल खुलने लगी है। 900 करोड़ रुपये से बनाया गया हाईवे जगह-जगह खुले पड़े नालों के कारण दुर्घटना को निमंत्रण दे रहा है।
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कई स्थान पर नालों के ऊपर लगाए गए स्लैब या तो टूट चुके हैं या पूरी तरह से गायब हैं। यह पैदल राहगीरों और वाहन चालकों के लिए बड़ा खतरा पैदा कर रहे हैं। अब जल्द ही कोहरा छाने की संभावना है तो ऐसे में स्थिति ज्यादा खतरनाक बन सकती है।

कुंडली से पानीपत तक हाईवे के चौड़ीकरण पर 900 करोड़ रुपये खर्च हुए थे। 20 जून 2023 को इसे लोकार्पित किया गया था। यह हाईवे दिल्ली सहित हरियाणा, पंजाब, हिमाचल और जम्मू-कश्मीर को जोड़ने वाला अहम मार्ग है।
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यातायात व्यवस्था सुदृढ़ करने के लिए इसके किनारों पर नाले बनाकर उन्हें स्लैब से कवर किया गया था ताकि राहगीर दुर्घटना का शिकार न हों। अब यह स्लैब जगह-जगह टूटे पड़े हैं। कई स्थान पर तो उनका नामोनिशान तक नहीं है।




कोहरे में खुले नाले बन सकते हैं दुर्घटना की वजह

स्थानीय निवासी राजेश, महेश, मनोज व संदीप ने बताया कि रात के समय कम रोशनी और अब सर्दी में जल्द ही कोहरा छाने लगेगा तो खुले नालों का पता लग पाना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में दोपहिया वाहन चालक और पैदल राहगीर हादसे का शिकार हो सकते हैं। हाईवे पर वाहन तेज रफ्तार से चलते हैं। ऐसे में जरा सी चूक किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।




हाईवे पर रोजना गुजरते हैं 80 हजार वाहन

एनएच-44 देश के सबसे व्यस्त मार्गों में से एक है। इस पर प्रतिदिन 80 हजार से ज्यादा वाहन गुजरते हैं। इतना बड़ा ट्रैफिक और टोल से मोटी कमाई होने के बावजूद सुविधा की स्थिति बदहाल है। क्षेत्रवासियों ने मांग की कि इस गंभीर समस्या के समाधान के लिए तुरंत कार्रवाई की जाए।




रोड सेफ्टी शाखा पहले ही चेतावनी दे चुकी

आरटीए की जिला रोड सेफ्टी शाखा हाईवे के दोनों तरफ खुले नालों को पहले ही खतरनाक जोन घोषित कर चुकी हैं। रात में हादसा होने की आशंका कई गुना बढ़ जाती है। कोहरा छाने पर स्थिति ज्यादा विकट हो जाएगी।




हाईवे के नालों की सफाई कराने के साथ जहां-जहां स्लैब टूटे या गायब हैं वहां नए स्लैब लगाकर नालों को ढका जाएगा। लोगों की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है। -जगभूषण शर्मा, परियोजना निदेशक, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण।

फोटो :16: नेशनल हाईवे-44 पर सोनीपत के गांव राई के पास नाले पर उबड़ खाबड़ पड़े स्लैब व उगी घास। सं

फोटो :16: नेशनल हाईवे-44 पर सोनीपत के गांव राई के पास नाले पर उबड़ खाबड़ पड़े स्लैब व उगी घास। सं

फोटो :16: नेशनल हाईवे-44 पर सोनीपत के गांव राई के पास नाले पर उबड़ खाबड़ पड़े स्लैब व उगी घास। सं

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