संवाद न्यूज एजेंसी
गोहाना। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर दवाइयों की बिक्री के विरोध में ड्रग्स एसोसिएशन ने 20 मई को पूरे भारत में बंद का एलान किया है। एसोसिएशन का कहना है कि दवा बेचने के लिए पहले फार्मेसी की पढ़ाई करनी पड़ती है और उसके बाद सरकार की ओर से लाइसेंस दिया जाता है।
यह प्रक्रिया इसलिए बनाई गई है ताकि प्रशिक्षित और शिक्षित व्यक्ति ही दवाइयों का सही तरीके से रखरखाव और वितरण कर सके। एसोसिएशन के अनुसार कई दवाइयों को तय तापमान पर रखना जरूरी होता है। कुछ दवाइयां फ्रिज में रखी जाती हैं। जरूरत पड़ने पर तुरंत अस्पताल या ग्राहक तक पहुंचाई जाती हैं।
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उनका आरोप है कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर दवाइयों के स्टोरेज और तापमान संबंधी नियमों का सही तरीके से पालन नहीं होता। इसके अलावा एसोसिएशन ने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर नारकोटिक्स दवाइयों के गलत इस्तेमाल की आशंका भी जताई है।
उनका कहना है कि कई बार बिना प्रशिक्षित व्यक्ति के माध्यम से दवाइयों की सप्लाई हो जाती है और ऑनलाइन ऑर्डर के जरिए बिना उचित जांच के दवाइयां ग्राहकों तक पहुंच रही हैं।
ड्रग्स एसोसिएशन गोहाना के प्रधान प्रदीप चहल का कहना है कि मरीजों की सुरक्षा और दवा बिक्री के नियमों को ध्यान में रखते हुए ऑनलाइन दवा बिक्री व्यवस्था को बंद करना जरूरी है। इसी मांग को लेकर 20 मई को भारत बंद का आह्वान किया गया है।