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Sonipat News: जिले में 6 हजार एकड़ में होगी जीरो बजट खेती

Mon, 18 May 2026 09:53 PM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
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280 प्रदर्शनी प्लॉट बनाकर किसानों को दी जाएगी व्यावहारिक ट्रेनिंग
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संवाद न्यूज एजेंसी

सोनीपत। वैश्विक हालातों और रासायनिक खाद की बढ़ती कीमतों के बीच अब कृषि विभाग ने प्राकृतिक खेती को बड़े स्तर पर बढ़ावा देने की रणनीति तैयार कर ली है। खरीफ सीजन में जिले की 6 हजार एकड़ भूमि को प्राकृतिक खेती के दायरे में लाने का लक्ष्य तय किया गया है। प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए कृषि विभाग विशेष अभियान चलाकर किसानों को जागरूक करेगा। गांव-गांव प्रशिक्षण शिविर लगाकर प्राकृतिक खेती की बारीकियां भी सिखाई जाएंगी।
खाड़ी में तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खाद आपूर्ति प्रभावित होने लगी है। ऐसे में केंद्र सरकार भी रासायनिक खादों के सीमित इस्तेमाल पर जोर दे रही है। इसी कड़ी में सोनीपत कृषि विभाग ने प्राकृतिक खेती प्रोजेक्ट को गति देते हुए व्यापक कार्ययोजना तैयार की है।
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विभागीय टीमें किसानों के बीच जाकर प्राकृतिक खेती के फायदे बताएंगी और उन्हें कम लागत में अधिक गुणवत्ता वाली खेती अपनाने के लिए प्रेरित करेंगी।
खेत ही बनेंगे प्रशिक्षण केंद्र

प्राकृतिक खेती को केवल कागजों तक सीमित न रखकर खेतों में उतारने के लिए जिले में 280 प्रदर्शनी प्लॉट विकसित किए जाएंगे। जिले के सातों ब्लॉकों कथूरा, खरखौदा, राई, सोनीपत, गोहाना, गन्नौर और मुंडलाना में 40-40 मॉडल प्लॉट तैयार होंगे। इन प्लॉटों पर प्राकृतिक खेती की प्रत्येक प्रक्रिया को विस्तार से दर्शाया जाएगा, ताकि किसान मौके पर पहुंचकर इसकी तकनीकों को समझ सकें। प्लॉट तैयार करने वाले किसानों को प्रति प्लॉट 4 हजार रुपये का अनुदान भी दिया जाएगा।
देशी गाय बनेगी प्राकृतिक खेती की धुरी

प्राकृतिक खेती पद्धति का आधार देशी गाय को माना जाता है। गाय के गोबर और गौमूत्र से तैयार होने वाला जीवामृत मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने में अहम भूमिका निभाता है। इस पद्धति में रासायनिक खाद और कीटनाशकों का इस्तेमाल नहीं किया जाता, जिससे खेती की लागत बेहद कम हो जाती है और फसल की गुणवत्ता भी बेहतर होती है।
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वर्जन
प्राकृतिक खेती में रासायनिक खादों का प्रयोग नहीं होता और उत्पादन लागत भी बेहद कम रहती है। इससे मिट्टी की गुणवत्ता सुधरती है और किसानों को बेहतर व सुरक्षित उत्पादन मिलता है। इस वर्ष जिले को 6 हजार एकड़ में प्राकृतिक खेती का लक्ष्य मिला है, जिसे पूरा करने के लिए विभाग हरसंभव प्रयास करेगा। -डॉ. पीके गुलिया, कृषि उपनिदेशक सोनीपत
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