सोनीपत। नगर निगम क्षेत्र में बने स्टिल्ट प्लस चार मंजिला भवन मालिकों को सरकार ने मंगलवार को बड़ी राहत देने का काम किया है। अब नगर निगम के अंतर्गत आने वाले किसी भी क्षेत्र में बने स्टिल्ट प्लस चार मंजिला भवन की ऊपरी मंजिल को गिराने के निर्देश वापस ले लिए गए हैं। ऐसे में निगम की ओर से होने वाली कार्रवाई पर रोक लगा दी गई है।
यह घोषणा वित्त, नगर एवं योजना विभाग के मंत्री जेपी दलाल ने चंडीगढ़ में की है। घोषणा के बाद स्टिल्ट प्लस चार मंजिला भवनों पर कार्रवाई के लिए फैसले की बाट जोह रहे अधिकारियों ने तैयार किए दस्तावेजों को रद्दी की टोकरियों में डालने की तैयारी कर ली है। नगर निगम क्षेत्र में दो दर्जन से ज्यादा ऐसे भवन हैं, जो स्टिल्ट प्लस चार मंजिल हैं। अधिकारियों के अनुसार स्टिल्ट प्लस चार प्लोर का मतलब है कि एक भवन जिसमें स्टिल्ट फ्लोर होते हैं जो जमीन से ऊपर उठाकर बनाए जाते हैं। ऐसे भवनों में धरातल को छोड़कर उसके ऊपर चार और फ्लोर होते हैं। इससे कुल 5 फ्लोर बन जाते हैं।
विभाग की मानें तो स्टिल्ट प्लस चार मंजिलों के निर्माण से आसपास के बुनियादी ढांचे पर असर पड़ सकता है। इससे यातायात में वृद्धि, पार्किंग व पानी निकासी संबंधी समस्या सामने आती है। जिसको लेकर यह परियोजना तैयार की गई थी कि स्टिल्ट प्लस चार मंजिल की ऊपरी मंजिल को गिराया जाएगा। जिसके बाद लोगों ने आपत्ति दर्ज करवाकर फैसला वापस लेने की मांग की। इसके बाद सरकार ने इस फैसले को वापस लिया है।
भवन निर्माण में पड़ोसी से लेनी होगी अनुमति
निगम अधिकारियों ने बताया कि अब सरकार ने नए नियमों की गाइड लाइन तैयार है, इसके तहत एक यूनिट में अगर 18 लोग रहेंगे, उसमें स्टिल्ट प्लस चार मंजिल भवन बनाने की अनुमति होगी। इसके लिए मालिक को स्टिल्ट प्लस चार भवन निर्माण के लिए पड़ोसी से अनुमति लेनी होगी। स्टिल्ट प्लस चार मंजिलों के निर्माण की अनुमति उन कॉलोनियों-सेक्टरों में भी दी जा सकती है, जिनका लेआउट प्लान प्रति प्लॉट तीन आवासीय इकाइयों के साथ अनुमोदित है।
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सरकार ने स्टिल्ट प्लस चार मंजिला भवन निर्माण पर लगी रोक को हटा दिया है। अब स्टिल्ट प्लस चार मंजिल भवन निर्माण के लिए कुछ नियम बनाए गए हैं। उन नियमों के तहत ही लोग इस तरह के भवनों का निर्माण कर सकेंगे।
विश्राम कुमार मीणा, कमिश्नर, नगर निगम, सोनीपत