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अनोखा बच्चाः जिसके शरीर से बाहर धड़क रहा दिल, डॉक्टर बोले- 20 लाख लोगों में एक होता केस

Fri, 20 Sep 2019 01:23 PM IST
रोहतक ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोहाना(सोनीपत)
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फाइल फोटो
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गोहाना (सोनीपत) के खानपुर कलां स्थित बीपीएस राजकीय महिला मेडिकल कॉलेज के अस्पताल में बुधवार दोपहर को जन्मे बच्चे को देखकर सभी चिकित्सक हैरान रह गए। बच्चे का दिल शरीर से बाहर धड़क रहा था। चिकित्सकों ने बच्चे को रोहतक पीजीआई रेफर किया, लेकिन वहां से बच्चे को वापस भेज दिया गया।
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जिसके बाद उसे आईसीयू में दाखिल कर दिया गया और अन्य जगहों पर चिकित्सकों से संपर्क किया जा रहा है। जिससे उसकी सर्जरी कराई जा सके। डाक्टरों का मानना है कि ऐसा 20 लाख लोगों में किसी एक बच्चे को होता है, जिसका दिल शरीर से बाहर होता है और इसका कारण छाती का पूरा विकास नहीं होना है। सोनीपत की बाबा कॉलोनी निवासी तकदीर की शादी सांदल खुर्द की रेखा के साथ पिछले साल हुई थी।

युवती की बहन पूजा ने बताया कि पिछले चार माह से उसकी बहन रेखा मायके में रहती थी। जब उसे प्रसव पीड़ा हुई तो वह बुधवार को उसे लेकर गांव खानपुर कलां स्थित बीपीएस राजकीय महिला मेडिकल कॉलेज के अस्पताल में पहुंचे। वहां पर रेखा ने बच्चे को जन्म दिया तो बच्चे का दिल शरीर से बाहर धड़क रहा था। जिसे देखकर चिकित्सक भी हैरान हो गए। जहां पर बच्चे को आईसीयू में दाखिल किया हुआ है और बच्चे के उपचार के लिए अन्य अस्पतालों में चिकित्सकों से संपर्क किया जा रहा है।
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खानपुर और रोहतक में नहीं सर्जरी की सुविधा

बच्चे का दिल शरीर से बाहर होने पर उपचार के लिए रोहतक पीजीआई रेफर किया गया था, लेकिन वहां से उसे वापस यह कहकर भेज दिया गया कि उनके यहां बच्चे की सर्जरी की सुविधा नहीं है। जबकि खानपुर कलां मेडिकल कालेज के अंदर भी ऐसी सर्जरी की सुविधा नहीं है। इस कारण ही अन्य अस्पतालों में संपर्क किया जा रहा है, जिससे बच्चे की जल्द सर्जरी कराई जा सके।

शरीर का नहीं हुआ विकास
चिकित्सकों का कहना है कि बच्चे की छाती के अंगों का पूरा विकास नहीं हुआ था, जिसके चलते उसका दिल बाहर धड़क रहा है। चिकित्सकों का कहना है कि इस तरह का खानपुर कलां के अस्पताल में यह पहला मामला सामने आया है।

उपचार कराने में सक्षम नहीं परिवार
बच्चे के पिता तकदीर व उसकी साली पूजा ने बताया कि दोनों के परिवार मजदूरी करते हैं। अब प्राइवेट अस्पतालों में अगर उसे रेफर किया जाएगा तो लाखों रुपये खर्च आएगा। वह उसका उपचार कराने में सक्षम नहीं हैं। ऐसे में सरकार से मदद मिलने पर ही उपचार करा सकते हैं।

मुझे शिशु विभाग में अपनी सेवाएं देते हुए 20 साल हो चुके हैं, लेकिन मेरे सामने यह दूसरा मामला सामने आया है। जब मैं पहले दूसरी जगह नियुक्त था तो तब एक बार ऐसा मामला सामने आया था। बच्चे का छाती का विकास पूरी तरह से नहीं हुआ है, जिससे उसका दिल शरीर से बाहर धड़क रहा है। 20 लाख बच्चों में एक से दो केस ऐसे मिलते हैं। बच्चे की सर्जरी होगी, लेकिन खानपुर कलां सहित रोहतक में भी सर्जरी की सुविधा नहीं हैं। अन्य अस्पतालों में संपर्क किया जा रहा है और जल्द कोई रास्ता निकाला जाएगा।
- डॉ. मनोज रावल, बाल एवं शिशु विभाग खानपुर कलां अस्पताल।
 
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