कई इंजनों की मद्द से गाड़ियों को निकाला गया। वहीं अधिकारियों ने पानीपत रेलवे विभाग को सूचना दी। जहां से बिजली की लाइन को ठीक करने के लिए कर्मचारी आए व काम शुरू कर दिया। रात को आने वाली ट्रेनें भी आधे घंटे लेट रहेंगी।
यात्रियों को हुई परेशानी
तार दोनों ही गांव के बीच जंगल में टूटे हुए थे, जहां पर सुनसान इलाका था। यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ा। लेकिन कुछ यात्री पानी को लेकर परेशान दिखे, कुछ यात्री करीब डेढ़ किलोमीटर तक पैदल चलकर गोहाना-पानीपत हाइवे पर पहुंचे और बसों में बैठकर गए। वहीं जिन यात्रियों को लंबा जाना था उन्हें इंतजार करना पड़ा।
गांव मुंडलाना व सिरसाढ़ के बीच रेलवे की बिजली की लाइन पर सफेदे के पेड़ टूट कर गिर गए थे, जिसके कारण 7 खंभे व तार टूट गए। तार टूटने के बाद ट्रेनों का आवागमन बाधित हो गया। ट्रेन करीब 6 घंटे तक जहां थीं वहीं पर खड़ी रही। रात को भी ट्रेनों के लेट पहुंचने का एसएमएस उन्हें मिला है जो आधे घंटे तक लेट रहेंगी। उसके बाद रोहतक से डीजल के इंजन मंगवाकर ट्रेनों को गुजारा गया। लाइन को ठीक करने का काम चल रहा है। -जितेंद्र कुमार स्टेशन मास्टर