फोटो 04: सोनीपत लघु सचिवालय में मुख्य सचिव की वीडियो कांफ्रेंस के दौरान उपायुक्त व अन्य अधिकारी
सोनीपत। उपायुक्त सुशील सारवान ने एचएसआईआईडीसी के अधिकारियों को निर्देश दिए कि छठ पूजा के समय जल प्रदूषण को रोकने के लिए वह अपने स्तर पर कार्य करें। सभी औद्योगिक इकाई संचालकों से यह सुनिश्चित करवाएं कि वह अपना जल अपशिष्ट अपने क्षेत्र के अपशिष्ट जल उपचार संयंत्र (ईटीपी) में डालें।
कोई भी औद्योगिक इकाई अपने औद्योगिक अपशिष्ट को बाहर खुले या ड्रेन में न डालें। ऐसा करते पाए जाने पर औद्योगिक इकाई संचालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने वीरवार को वीडियो काॅन्फ्रेंस के जरिए छठ पूजा के समय होने वाले यमुना व अन्य जलस्रोत में प्रदूषण को रोकने के लिए संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिले में कार्यरत सभी एसटीपी व सीईटीपी अपनी पूरी क्षमता पर कार्य करें।
उसके बाद उपायुक्त सुशील सारवान ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि यमुना व अन्य जलस्रोत में कम से कम बायोकेमिकल ऑक्सीजन डिमांड (बीओडी) हो इसका विशेष ध्यान रखा जाए। छठ पर्व के दौरान आमजन को किसी भी तरह के प्रदूषण से संबंधित समस्या न हो।
उपायुक्त ने एचएसआईआईडीसी के अधिकारियों से औद्योगिक क्षेत्रों के प्रवेश व निकास द्वार पर लगाए गए सीसीटीवी लगाने व औद्योगिक क्षेत्रों में टैंकरों के प्रवेश व निकास पर निगरानी की रिपोर्ट ली। उन्होंने ड्रेन नंबर 6 से संबंधित सिंचाई विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वह इसे छह भागों में बांट लें व प्रत्येक भाग पर बीओडी जांच की जाए।
हर भाग पर अधिकारियों की ड्यूटी लगाई जाए जिससे यमुना व अन्य जलस्रोत पर प्रदूषण को रोका जा सके। इस मामले में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों को बख्शा नहीं जाएगा। इस मौके पर अतिरिक्त उपायुक्त लक्षित सरीन, नगराधीश डाॅ. अनमोल, सहायक पुलिस आयुक्त ऋषिकांत शर्मा भी मौजूद रहे।