खरखौदा। नगर पालिका कार्यालय में मंगलवार को हाउस बैठक हुई। शुरुआत में ही पार्षदों ने अपनी-अपनी समस्याएं गिनानी शुरू कर दीं। पार्षदों ने कहा कि जब तक मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी समस्याएं दूर नहीं होती हैं विकास कार्यों की बात करना बेमानी है।
नपा अध्यक्ष हीरालाल ने आश्वासन दिया कि सिलसिलेवार तरीके से शहर में विकास कार्य करवाए जाएंगे। इस पर पार्षदों ने सवाल उठाए कि आखिर कार्य हो ही कहां रहे हैं। वे कई बार अपने वार्डों की समस्याओं को गिना चुके हैं लेकिन किसी को हल नहीं किया गया।
पार्षद संजय पंवार ने तंज कसा कि उनके वार्ड में सभी विकास कार्य पूरे हो चुके हैं अब कोई भी काम शेष नहीं है। इतना कहकर वे नाराज होकर बैठक बीच में ही छोड़कर चले गए। इससे बैठक का माहौल और अधिक तनावपूर्ण हो गया।
नपा सचिव पंकज जून ने कहा कि सिविल कार्यों को गति देने के लिए बृजेश को एमई का चार्ज सौंपा गया है। उन्होंने बताया कि शहर का लेवल करवाकर पानी निकासी की समस्या का स्थायी समाधान निकाला जाएगा। साथ ही एनजीटी के आदेशों के अनुसार दूषित पानी को नालियों में नहीं डाला जा सकता इसलिए अब पूरे शहर का पानी एसटीपी पर भेजने की योजना बनाई गई है।
कूड़ा उठाने, बंदरों और लावारिस पशुओं को पकड़ने का लगेगा टेंडर
नपा अध्यक्ष ने जोर देकर कहा कि गोबर नालियों में न जाने पाए। सचिव ने स्पष्ट किया कि इस दिशा में पार्षदों को भी सतर्क रहना होगा। उन्होंने बताया कि नपा की सभी खाली जमीनों को 15 दिन में चिह्नित किया जाएगा। जिन जमीनों का केस नपा के पक्ष में जीता जा चुका है वहां चहारदीवारी कराई जाएगी। पार्षदों ने कहा कि शहर में बिछाई गई पाइप लाइन को हटाकर नाली का निर्माण किया जाए। यदि ठेकेदार तत्काल प्रभाव से काम नहीं करते हैं तो उन्हें सीधे ब्लैकलिस्ट किया जाए। इसके साथ ही कूड़ा उठाने, बंदरों और लावारिस पशुओं को पकड़वाने की मांग उठी। सचिव ने भरोसा दिलाया कि इसके लिए शीघ्र टेंडर लगाया जाएगा।
महिला पार्षदों ने बीच में छोड़ी बैठक
वार्ड पार्षद नवीन दहिया ने कहा कि मीटिंग हॉल तैयार करने की मांग पहली बैठक से ही की जा रही है लेकिन उस पर अब तक कोई कार्य नहीं हुआ है। उन्होंने सुझाव दिया कि किसी भी प्रस्ताव को सिरे चढ़ाने के लिए समय सीमा तय होनी चाहिए। इस दौरान कई महिला पार्षदों ने उनके पतियों को शामिल न होने देने के कारण बैठक छोड़ दी। लगातार सवाल-जवाब और नाराजगी के चलते बैठक का बड़ा हिस्सा बहस में ही निकल गया। पार्षदों ने दो टूक कहा कि जब तक धरातल पर कार्य शुरू नहीं होंगे वे केवल आश्वासन से संतुष्ट नहीं होंगे।