सोनीपत। शहरी विकास मंत्रालय की ओर से जारी स्वच्छता सर्वेक्षण-2024 के तहत सोनीपत नगर निगम को मिनिस्ट्रियल स्टार अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। केंद्र सरकार की ओर से वीरवार को जारी स्वच्छता रैंकिंग में सोनीपत को देश में 38वां स्थान मिला है। साथ ही प्रदेश में सोनीपत को दूसरा स्थान मिला है।
मिनिस्ट्रियल स्टार अवॉर्ड के लिए केंद्र सरकार ने स्वच्छ भारत मिशन के तहत स्वच्छता सर्वेक्षण करवाया था। इसमें तीन लाख की जनसंख्या वाले सोनीपत को राज्य में दूसरा स्थान हासिल करने पर मिनिस्ट्रियल स्टार अवाॅर्ड दिया है।
नगर की ओर से डोर टू डोर कूड़ा एकत्रित करने व सड़कों से कूड़ा उठान करने पर जेबीएम कंपनी को 1.80 करोड़ रुपये हर माह दिए जाते हैं। इसके ठेका सफाई कर्मचारियों को 70 लाख रुपये दिए जा रहे हैं। पिछली बार राज्य में सोनीपत नगर निगम ने 21वीं रैंक हासिल की थी। इस बार सोनीपत ने प्रदेश में दूसरा स्थान हासिल किया है।
शहर में हुए अनुकरणीय स्वच्छता कार्य के लिए अब मिनिस्ट्रियल स्टार अवाॅर्ड दिया गया। नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय से केंद्रीय मंत्री मनोहरलाल ने यह अवाॅर्ड देकर सम्मानित किया।
मिनिस्ट्रियल स्टार अवाॅर्ड लेने के लिए मेयर राजीव जैन, निगम आयुक्त हर्षित कुमार, संयुक्त आयुक्त मीतू धनखड़, मुख्य सफाई निरीक्षक साहब सिंह, सतेंद्र कुमार, सफाई कर्मी विनोद, राजू व अमित पहुंचे।
स्वच्छता सर्वेक्षण 2023 के तहत कूड़ा मुक्त शहर में एक स्टार रेटिंग मिली थी। इस बार कूड़ा मुक्त शहरों की सूची में सोनीपत शहर को पहली बार तीन स्टार रेटिंग का तमगा दिया गया। स्वच्छता सर्वेक्षण रैंकिंग में सोनीपत को देश में 38वां स्थान हासिल हुआ है। पिछले सर्वेक्षण में 260वें रैकिंग पर था।
घर-घर कूड़ा एकत्रित करने में 98 फीसदी, कूड़े को अलग-अलग करने के लिए 69 फीसदी, अपशिष्ट प्रसंस्करण में 99 फीसदी, डंपसाइटों के सुधार में 100 फीसदी, आवासीय क्षेत्र में सफाई 100 फीसदी, मार्केट क्षेत्र में सफाई पर 100 फीसदी, जल निकायों की स्वच्छता पर 100 फीसदी, सार्वजनिक शौचालयों की सफाई पर 83 फीसदी अंक हासिल हो सके।
नगर निगम क्षेत्र में घनी आबादी के बीच में डंपिंग पॉइंट बने हुए थे। यहां पर शहर का कचरा डाला जाता था। रोजाना कचरा अधिक होने के कारण कूड़ा सड़क तक फैल जाता था। तत्कालीन निगम आयुक्त विश्राम कुमार मीणा ने घनी आबादी के बीच से इन कचरा पॉइंटों को खत्म करने की योजना बनाई थी।
सबसे पहले ओल्ड डीसी रोड पर कच्चे क्वार्टर में बने डंपिंग को तोड़कर खत्म किया गया। इसके बाद यहां पर शौचालय व साथ में फव्वारे लगाकर सेल्फी पॉइंट बनाया गया। साथ ही बस अड्डे की दीवार और ओल्ड डीसी रोड पर चौक पर बने कचरा पॉइंटों को खत्म किया गया। बस अड्डे के पास मिट्टी डालकर घास लगाई गई।
कई स्थानों पर चौक का निर्माण कर ‘आई लव सोनीपत’ का सेल्फी पॉइंट बनाया गया। शहर में पहले कचरे के 51 डंपिंग पॉइंट थे जिसे घटाकर 20 कर दिए गए हैं।