सोनीपत। हत्या की कोशिश के मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट के न्यायाधीश डॉ. जसबीर सिंह की कोर्ट ने आरोपी चिंटू की अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया। आरोपी ने अपने साथियों के साथ मिलकर धारदार हथियारों से घर में घुसकर पीड़ित विक्की पर जानलेवा हमला किया था।
आरोपी वार्ड 18, वाल्मिकी बस्ती, गोहाना निवासी चिंटू पर 27 नवंबर 2025 को अपने साथियों के साथ मिलकर एक गैर कानूनी सभा बनाने, शिकायतकर्ता के घर में घुसने और घातक हथियारों डंडा व फरसा से हमला करने का आरोप है।
इस हमले में विक्की को गंभीर चोटें आईं, जिन्हें जानलेवा घोषित किया गया है। इस संबंध में गोहाना थाना पुलिस ने हत्या की कोशिश सहित कई धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की थी।
आरोपी के वकील ने तर्क दिया कि आरोपी निर्दोष है और उसे झूठा फंसाया गया है। उसका कोई पुराना आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है। इस मामले के 9 सह आरोपियों को पहले ही हाई कोर्ट से अग्रिम जमानत मिल चुकी है। उससे अब कुछ भी बरामद नहीं किया जाना है इसलिए हिरासत में पूछताछ की आवश्यकता नहीं है। वहीं सरकारी वकील ने जमानत का कड़ा विरोध किया।
दोनों पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने कहा कि केवल इसलिए कि हिरासत में पूछताछ की जरूरत नहीं है। अग्रिम जमानत का आधार नहीं बन सकता। अदालत को अपराध की गंभीरता, सजा की कठोरता और मामले के प्राथमिक साक्ष्यों को देखना होता है। अदालत ने माना कि आरोपी के खिलाफ हत्या का प्रयास के तहत गंभीर आरोप हैं, जिसमें कड़ी सजा का प्रावधान है। अपराध की गंभीरता को देखते हुए, अदालत ने चिंटू की अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया।