सदर थाना क्षेत्र के एक गांव की युवती से दुष्कर्म करने के आरोपी लघु सचिवालय के लिपिक की अग्रिम जमानत याचिका को अदालत ने खारिज कर दिया है। याचिका खारिज होने के बाद पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के लिए दबिश तेज कर दी है। आरोपी के खिलाफ उसके साथ सक्षम योजना के तहत काम करने वाली युवती ने शादी का झांसा देकर कई बार दुष्कर्म करने का आरोप लगाया था।
मामले को लेकर युवती ने 2 जनवरी को सदर थाना में शिकायत दी थी कि उसका चयन वर्ष 2019 में सक्षम योजना के तहत हुआ था। वह लघु सचिवालय में नियुक्त लिपिक सुशील के नीचे काम करने लगी थी। युवती का आरोप है कि उसने नौकरी से निकलवाने की धमकी देकर उससे दोस्ती कर ली थी। उसके बाद आरोपी उससे लगातार मिलने लगा था। जब वह घर जा रही थी तो आरोपी कार लेकर आया और उसे घर छोड़ने की बात कही। आरोपी ने कार में उसके साथ शादी करने की बात कही और उनके गांव के नहर किनारे ले जाकर उसके साथ कार में दुष्कर्म किया। उसके बाद आरोपी ने उसके साथ कुंडली में दुष्कर्म किया था। बाद में उसे शहर में एक मकान में रखने लगा। वह ढाई साल में उसके साथ कई बार दुष्कर्म किया। युवती ने बताया कि 25 नवंबर, 2021 को आरोपी ने उसे गालियां दीं। बाद में वह 26 नवंबर सोनीपत स्थित मकान पर आया और पिटाई की। अपनी पत्नी से फोन पर बात कराकर उससे गालियां दिलवाई। 2 दिसंबर को सुशील, उसकी पत्नी व एक अन्य ने उसकी पिटाई की थी। उसने पुलिस में शिकायत दी थी, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई । जिसके बाद उसने सदर थाना प्रभारी को शिकायत देकर मुकदमा दर्ज कराया था।
मामले में आरोपी सुशील ने कोर्ट में अग्रिम जमानत के लिए याचिका लगाई थी। जिसे अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश शैलेंद्र सिंह की अदालत ने खारिज कर दिया है। जिसके बाद पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी को दबिश तेज कर दी है।
दुष्कर्म के मामले में आरोपी सुशील ने अग्रिम जमानत याचिका लगाई थी। जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया है। आरोपी की गिरफ्तारी को लगातार प्रयास किया जा रहा है। -इंस्पेक्टर कर्मजीत सिंह, थाना प्रभारी, सदर सोनीपत।