गोहाना। गांव भावड़ के अंकित मेहनत कर परिवार की आर्थिक मदद कर रहे थे। अंकित की रोहतक में हत्या की जानकारी गांव में पहुंची तो मातम पसर गया। अंकित टैक्सी चलाने के साथ रोहतक में सोनीपत बस स्टैंड के पास फूल बेचते थे।
अंकित का परिवार पहले से ही संघर्षों से घिरा हुआ था। पिता लंबे समय से बीमार रहते हैं। उसके बावजूद खेतीबाड़ी कर परिवार का पालन करते हैं। मां दिव्यांग हैं। वह आंगनबाड़ी में हेल्पर की नौकरी कर दोनों बेटों को पढ़ाया-लिखाया था। अंकित की शादी नहीं हुई थी जबकि बड़े भाई शादी के बाद ऑस्ट्रेलिया सुमित में रह रहे हैं। ऐसे में घर की जिम्मेदारी अंकित के कंधों पर ही थी।