सोनीपत। प्रदेश एवं राष्ट्रीय अवाॅर्डी शिक्षक यूनियन संगठन की ओर से नई तबादला नीति में राष्ट्रीय व राज्य पुरस्कार से सम्मानित शिक्षकों को पांच अंकों की वरीयता खत्म करने पर रोष जताया गया। जिलाध्यक्ष सतीश छिक्कारा ने कहा कि सरकार ने पुरस्कार प्राप्त शिक्षकों के साथ अन्याय किया है। यह नीति पुरस्कृत शिक्षकों के सम्मान के विपरीत है।
उन्होंने सरकार से शिक्षकों को मिलने वाले पांच अंक देने की मांग की है। जिलाध्यक्ष सतीश छिक्कारा ने बताया कि वर्ष 2016, 2017, 2019 और 2022 की तबादला नीति में पांच अंकों की वरीयता दी गई थी। सरकार ने इन वरीयता को समाप्त कर दिया गया है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि वर्ष 2016 की अवाॅर्डी नीति में किए गए संशोधन के बाद अवाॅर्डी शिक्षकों को मिलने वाली सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। पहले शिक्षकों को दो अतिरिक्त वेतन वृद्धि और दो वर्ष का सेवा विस्तार मिलता था। जिसे बंद कर दिया गया है। इस दौरान धर्मबीर दहिया, दिलबाग सिंह, सुनीता छिक्कारा भी उपस्थित रहे।