फोटो 30: साेनीपत के एक गांव में स्वास्थ्य केंद्र पर लगाए गए शिविर के दौरान छात्रा का एचबी जांच
सोनीपत। स्वास्थ्य विभाग की ओर से सोमवार को एनीमिया मुक्त माह की शुरुआत की गई। अभियान के पहले दिन सोमवार को 1740 बच्चों, किशोरों व महिलाओं का हीमोग्लोबिन (एचबी) जांचा गया। पहले विभाग ने एनीमिया मुक्त सप्ताह मनाने के निर्देश दिए थे। एक माह तक चलाए जाने वाले अभियान के तहत एक माह तक उप स्वास्थ्य केंद्र, पीएचसी, सीएचसी, नागरिक अस्पताल में शिविर लगाए जाएंगे।
मातृत्व स्वास्थ्य अभियान के नोडल अधिकारी डॉ. जितेंद्र सिंह ने बताया कि छह टारगेटिड ग्रुप जिसमें 6 माह-5 वर्ष, 6-9 वर्ष, 10-19 वर्ष आयु के बच्चों व किशोरों के खून की जांच की जाएगी। विशेष रूप से स्तनपान कराने वाली व गर्भवती महिलाएं के खून की जांच की जाएगी। साथ ही 15 से 49 साल तक की महिलाओं की रक्त जांच की जाएगी। अभियान के तहत आयरन की गोलियां वितरित की जाएंगी और इसी तरह बच्चों के लिए सिरप भी वितरित किया जाएगा। जांच के दौरान हीमोग्लोबिन कम पाए जाने पर बच्चों, किशोरों व महिलाओं का इलाज भी किया जाएगा। इलाज कराने वाले मरीज की काउंसिलिंग भी होगी। अस्पताल में आने वाली सभी महिलाओं की जांच सुनिश्चित की जाएगी।
सरकार की ओर से एनीमिया-ट्रैकिंग एप विकसित किया गया है जिसमें एचबी परीक्षण की जानकारी वास्तविक समय के आधार पर अपलोड की जानी है और इसमें रोगी की जानकारी एकत्रित की जाएगी। व्यापक सेवा वितरण पैकेज सुनिश्चित होगा। जिसमें एचबी परीक्षण और उपचार, रोगनिरोधी आयरन फोलिक एसिड (आईएफए) पूरकता, आहार विविधीकरण व आयरन वाले भोजन को बढ़ावा देना शामिल है। स्वास्थ्य अधिकारियों को एनीमिया मुक्त माह के दौरान की जाने वाली जांच का डाटाबेस तैयार करने के भी निर्देश दिए।
अभियान के पहले दिन 1740 बच्चों, किशोरों व महिलाओं के एचबी की जांच की गई। एक माह तक चलने वाले अभियान के दौरान गंभीर एनीमिया रोगी पाए गए तो उन्हें दवाएं उपलब्ध कराई जाएगी। जब तक एनीमिया रोगी ठीक नहीं हो जाते तब तक इनकी मॉनिटरिंग कर फीडबैक भी लिया जाएगा।
डॉ. जितेंद्र सिंह, नोडल अधिकारी, मातृत्व स्वास्थ्य अभियान