फोटो 36: यमुना के बेगा घाट के पास ठोकर निर्माण के लिए मंगवाए गई ठोकरें। स्रोत: ग्रामीण
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गन्नौर। यमुना नदी के बेगा घाट पर सिंचाई विभाग की ओर से ठोकर निर्माण कार्य में लापरवाही बरतने का आरोप लगा है। ग्रामीणों के अनुसार विभाग ने ठोकर बनाने के लिए पत्थरों को घाट के पास ऐसे ही छोड़ दिया है। इससे मानसून सीजन में संभावित खतरे की आशंका भी बढ़ गई है।
ग्रामीण सोमबीर, नरेंद्र, रामकिशन, श्रीराम, कृष्ण कश्यप, राकेश और रवि का कहना है कि हर वर्ष बारिश में यमुना का जलस्तर बढ़ने से बेगा घाट के आसपास भूमि कटाव की समस्या गंभीर हो जाती है। कटाव रोकने के लिए विभाग ने इस वर्ष भी ठोकर निर्माण का टेंडर किया।
इसके लिए पत्थर भी घाट पर मंगवाए गए लेकिन कई सप्ताह बीतने के बाद भी कई स्थानों पर इन पत्थरों का उपयोग नहीं किया गया। जहां ठोकरें बनाई गई हैं वहां काम नहीं किया गया। बारिश का मौसम शुरू हो चुका है। जल्द ठोकर निर्माण का कार्य पूरा नहीं हुआ तो कटाव से कई एकड़ जमीन नदी में समा सकती हैं। उन्होंने प्रशासन से ठोकर निर्माण कार्य का निरीक्षण करने की मांग की है।
ग्रामीणों ने बताया कि दो साल पहले लापरवाही के चलते कई खेतों में पानी भर गया था। वर्ष 2013 में यमुना का पानी तटबंध तक पहुंचा था। तटबंध से पहले स्थित किसानों के खेतों में घुस गया था, जिससे किसानों की हजारों एकड़ सब्जी, धान, ईंख की फसल व अमरूद के बाग डूब गई थी।