खाद के सैंपल लेती कृषि विभाग की टीम। संवाद
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किसानों को निम्न स्तर की खाद बेचकर मुनाफा कमाने वालों पर शिकंजा कसते हुए कृषि विभाग ने सोमवार को जांच अभियान चलाया। कृषि उप निदेशक अनिल सहरावत के नेतृत्व में कृषि विभाग की अलग-अलग टीमों ने बहालगढ़ रोड सहित विभिन्न स्थानों से खाद के 6 सैंपल लिए। सभी सैंपलों को जांच के लिए लैब भेजा जाएगा। जांच रिपोर्ट में अगर कोई सैंपल फेल पाया जाता है तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
बारिश के बाद किसान गेहूं की फसल में खाद का छिड़काव कर रहे हैं। जिससे खाद की मांग फिर बढ़ गई है। किसानों को बेहतर गुणवत्ता का खाद उपलब्ध हो सके इसके लिए कृषि विभाग ने सख्त कदम उठाए हैं। इसके लिए विभाग ने टीमों का गठन कर जांच अभियान चलाया है। इस दौरान खाद विक्रेताओं के पास मौजूद खाद के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे गए हैं।
पक्के बिल के साथ ही खरीदें खाद
कृषि अधिकारियों ने किसानों से आह्वान किया है कि वह जब भी खाद खरीदें तो उसका पक्का बिल लें। कृषि अधिकारियों ने कहा कि अक्सर किसान खाद, दवाई या बीज की खरीदारी करते समय पक्का बिल नहीं लेता। जिसकी वजह से कई बार खाद की गुणवत्ता का कम होने पर किसान को पूरा फायदा नहीं मिल पाता। किसान अगर शिकायत करता है तो कार्यवाही करने के लिए पर्याप्त सबूत मौजूद नहीं रहते। इसलिए किसानों को खरीदारी करते समय पक्का बिल लेना चाहिए।
बारिश के बाद एक बार फिर खाद की मांग बढ़ गई है। किसानों को बेहतर गुणवत्ता का खाद मिल सके, इसके लिए जांच अभियान चलाया गया। अलग-अलग स्थानों वे खाद के 6 सैंपल लिए हैं। जिन्हें जांच के लिए लैब भिजवाया जाएगा। अगर किसी सैंपल की रिपोर्ट फेल आती है तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. अनिल सहरावत, कृषि उपनिदेशक, सोनीपत