फोटो 03- सोनीपत के गांव खिजरपुर जट माजरा में दूषित पानी निकासी की व्यवस्था को लेकर तालाब के पास
सोनीपत। दूषित पानी की निकासी की समस्या को लेकर जिला पार्षद की ओर से दिए गए पांच दिन के अल्टीमेटम से पहले ही गांव खिजरपुर जट माजरा में काम शुरू हो गया है। जिला पार्षद ने 17 जून को बीडीपीओ कार्यालय के सामने धूना लगाकर प्रदर्शन कर प्रशासन से पानी निकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने की मांग की थी। वहीं 13 जून को पंचायती विभाग के कार्यालय में धरना देकर ग्रामीणों की समस्या को उठाया था।
जिला पार्षद संजय बड़वासनी, सरपंच सतनारायण, सुरेंद्र, राजवीर ने बताया कि खिजरपुर जट माजरा में 15 वर्षों से दूषित पानी की निकासी के उचित प्रबंध नहीं होने से ग्रामीणों का जीना दूभर हो गया था। तालाब में दूषित पानी भरा होने से बीमारियां फैलने का डर रहता था। 2650 की आबादी वाले गांव की समस्या को दूर करने के लिए वर्ष 2017-18 में थ्री पौंड सिस्टम बनाने पर 60 लाख रुपये खर्च किए गए थे। इसके तहत बने तीनों तालाब दूषित पानी से भरे हुए हैं। खिजरपुर जट माजरा आज तक निकासी की अव्यवस्था से जूझ रहा है।
बारिश से घरों में पहुंचता है दूषित पानी
जिला पार्षद और सरपंच ने बताया कि तीनों तालाबों के ओवरफ्लो होने के बाद गांव में फिर से निकासी व्यवस्था चरमरा जाती है। बारिश के दौरान दूषित पानी आसपास लगते घरों में पहुंच जाता है। तालाब से जहरीले जीव भी निकलते रहते हैं। बारिश के समय समस्या अधिक बढ़ जाती है। अब बारिश से पहले ग्रामीणों की समस्या का समाधान करवाया जाए, ताकि उन्हें परेशानी न झेलनी पड़े।
ढाई वर्ष का प्रयास लाया रंग
जिला पार्षद ने बताया कि समस्या का समाधान करवाने के लिए ढाई वर्ष से लगातार प्रयास किए गए। जिला परिषद की बैठक में भी इस मुद्दे को उठाया गया। अधिकारियों ने जल्द समाधान का आश्वासन दिया था, लेकिन काम शुरू नहीं होने पर उन्होंने अपना संघर्ष जारी रखा। 17 जून को दिए गए पांच दिन के अल्टीमेटम के बाद विभाग के जेई ने निकासी का प्रबंध करवाने की शुरुआत कर दी है। बड़ा गड्ढा करके निकासी की व्यवस्था की जा रही है। साथ ही तालाब की सफाई भी करवाई जाएगी।
फोटो 03- सोनीपत के गांव खिजरपुर जट माजरा में दूषित पानी निकासी की व्यवस्था को लेकर तालाब के पास