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Sonipat News: औद्योगिक इकाइयों का पानी शोधित कर फिर होगा इस्तेमाल

Sat, 29 Apr 2023 12:58 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
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फोटो :26: आईएमटी, खरखौदा जहां पर सीईटीपी स्थापित किया जाएगा।
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खरखौदा। औद्योगिक मॉडल टाउनशिप (आईएमटी), खरखौदा में स्थापित होने वाली औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाले पानी को शोधित कर फिर से इस्तेमाल करने का लायक बनाया जाएगा। इसके लिए हरियाणा स्टेट इंडस्ट्रियल एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कारपोरेशन (एचएसआईआईडीसी) की तरफ से प्रयास शुरू हो गए हैं।
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दूषित पानी को कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (सीईटीपी) से शोधित कर दोबारा इस्तेमाल के लायक बनाया जाएगा। इससे आईएमटी से निकलने वाले पानी की समस्या का निपटारा भी हो जाएगा। योजना को लेकर उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने घोषणा की थी।
आईएमटी, खरखौदा में मारुति का प्लांट निर्माणाधीन है। जबकि नीलगिरी की ओर से अपनी इकाई को शुरू कर दिया गया है। साथ ही सुजुकी ने भी प्लांट लगाने के लिए भूमि खरीद चुकी है। इसके अलावा कई अन्य छोटी औद्योगिक इकाइयों के स्थापित होने का सिलसिला जल्द ही शुरू हो जाएगा। ऐसे में औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाला दूषित पानी बड़ी समस्या बन सकता है। जिसके निदान की योजना एचएसआईआईडीसी की तरफ से तैयार की जा रही है। इसके लिए सीईटीपी का निर्माण किया जाएगा। योजना को मुख्यालय में मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। इसके बाद जल्द ही काम शुरू हो जाएगा।
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सीईटीपी प्लांट में शोधित किया जाएगा दूषित पानी
दूषित पानी को साफ करने की योजना के पहले चरण में प्रथम फेज के लिए यूनिट तैयार की जाएगी। आवश्यकता अनुसार इसका विस्तार किया जा सकेगा। इकाइयों से निकलने वाले दूषित पानी को इस यूनिट में लाकर प्राथमिक स्तर पर साफ करने के बाद दूसरी और तीसरी स्टेज पर भी साफ किया जाएगा, ताकि इसे फिर से इस्तेमाल करने लायक बनाया जा सके।
साढ़े 32 एमएलडी की होगी क्षमता
आईएमटी खरखौदा में स्थापित होने वाले सीईटीपी की क्षमता साढ़े 32 एमएलडी की होगी। एक पाइपलाइन पूरी आईएमटी में बिछाई जाएगी, जिससे इकाइयों को कनेक्शन मुहैया करवाया जाएगा, ताकि जरूरत पड़ने पर वह इस शोधित पानी को इस्तेमाल में ला सके। शोधित पानी निर्माण से लेकर अन्य कामों में इस्तेमाल किया जाएगा। साथ ही शोधित पानी से ही आईएमटी की ग्रीन बेल्ट में सिंचाई की जा सकेगी।
सीईपीटी स्थापित करने की योजना पर काम चल रहा है। सीईटीपी का निर्माण कर पानी को फिल्टर करने के बाद आईआईटी में इसे दोबारा से इस्तेमाल किया जा सकेगा। जल्द ही इसकी मंजूरी के लिए फाइल मुख्यालय भेजा जाएगी। मंजूरी मिलते ही काम शुरू कर दिया जाएगा। -आलोक कुमार, वरिष्ठ प्रबंधक एचएसआईआईडीसी
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