संवाद न्यूज एजेंसी
सोनीपत। जिले के किसानों को गेहूं की बिजाई के लिए डीएपी खाद को लेकर परेशानी नहीं झेलनी पड़ेगी। जींद में शनिवार को डीएपी खाद की रैक लगने के बाद शाम को सोनीपत में करीब 80 मीट्रिक टन (एमटी) डीएपी खाद पहुंच चुकी है। खाद को रविवार सुबह तक विक्रेताओं की दुकानों तक पहुंचाया जाएगा।
कृषि विभाग के उपनिदेशक डॉ. पवन शर्मा ने बताया कि जिला में डीएपी खाद की ज्यादा किल्लत नहीं है। फिर भी शनिवार को जींद में रैक लगने के बाद शाम को वहां से सोनीपत में करीब 80 एमटी खाद आई है। जल्द ही दूसरी रैक भी लगने वाली है। उन्होंने किसानों से आह्वान किया कि वह आवश्यकता से अधिक खाद न खरीदें। विभाग छोटे किसानों को खाद वितरण में प्राथमिकता दे रहा है। सोनीपत में करीब 1 लाख 45 हजार हेक्टेयर भूमि पर गेहूं की औसतन बिजाई होती है। ऐसे में रबी सीजन में डीएपी खाद की मांग 14 हजार एमटी तक पहुंच जाती है।
अब तक पहुंची 10809 एमटी डीएपी खाद
डॉ. पवन शर्मा ने बताया कि सोनीपत में इस वर्ष डीएपी खाद की आपूर्ति बेहतर हुई है। पिछले रबी सीजन में 15 नवंबर तक 8755 एमटी डीएपी खाद पहुंची थी, जबकि शनिवार को 80 एमटी डीएपी पहुंचने के बाद यह आंकड़ा 10809 एमटी पहुंच गया है। जिले में पहुंचने वाली खाद का 40 फीसदी पैक्स को भेजा जाएगा, ताकि किसानों को अपने आसपास ही खाद उपलब्ध हो सके।
कांग्रेस नेता बोले- किसानों के सब्र का इम्तिहान न ले सरकार
डीएपी खाद की किल्लत के कारण देश का पेट पालने वाले किसानों को अपनी फसल की बुआई के लिए लाइन में लगना पड़ रहा है। समय पर खाद मुहैया न होना प्रदेश के किसानों का अपमान है। जिला पार्षद संजय बड़वासनी, कांग्रेस नेता भलेराम जांगड़ा, बिन्नी भारद्वाज व डॉ. राकेश ने कहा कि सरकार की लापरवाही के चलते ही किसान वर्ग लाइन में लगने को मजबूर है। इसके बावजूद किसानों को खाद नहीं मिल रही है। सरकार को किसानों के सब्र का इम्तिहान न लेकर खाद की कमी को पूरा करना चाहिए, अन्यथा कांग्रेस लघु सचिवालय पर प्रदर्शन कर प्रदेश के किसानों की मांग उठाएगी।