सोनीपत। अतिरिक्त सत्र एवं न्यायाधीश जगजीत सिंह की अदालत ने शादी ने इन्कार करने पर तेजाब फेंकने की दोषी गोहाना के गांव बिधल निवासी अंजलि को 10 साल कैद की सजा सुनाई है। एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। कोर्ट ने दोषी को रोहतक की सुनारिया जेल में रखने का आदेश दिया है।
यह तेजाब गांव कसंदा के रहने वाले श्याम सिंह पर फेंका गया था। उनकी बुआ अनीता ने एफआईआर में बताया था कि 2016 में माता-पिता की मृत्यु के बाद श्याम सिंह उनके पास शहर के मयूर विहार में आ गया था। नौकरी के दौरान उसकी मुलाकात अंजलि से हुई थी। वे फोन पर बातें भी करते थे।
श्याम ने अंजलि को बताया कि बुआ उसकी शादी कराना चाहती हैं। इस पर अंजलि ने अपनी शादी की बात करने को कहा। बुआ के मुताबिक, अंजलि के बारे में पता लगा कि वह शादीशुदा है। इस कारण जब अंजलि की मां शादी की बात करने घर आईं तो उन्होंने मना कर दिया।
बुआ के मुताबिक, शादी से मना करने से नाराज अंजलि ने अंजाम भुगतने की धमकी दी। 26 अक्तूबर 2022 को शाम करीब 5:30 बजे श्याम जब दूध लेने गया तो अंजलि ने एसिड फेंक दिया। कहा-बेटे तू भी याद रखेगा। इसके बाद श्याम को एक निजी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया।
गंभीर स्थिति देखकर उसे रोहतक पीजीआई लाए और यहीं इलाज चला। कोर्ट ने सारे तथ्यों और साक्ष्यों को देखते हुए 29 अप्रैल को अंजलि को दोषी करार दिया। बचाव पक्ष ने दलील दी कि अंजलि के पास साढ़े तीन महीने का बच्चा है। उसने पहले कोई ऐसा अपराध नहीं किया। लिहाजा, सजा में नरमी बरती जाए। पीड़ित पक्ष ने कहा कि एसिड अटैक गुस्से में किया गया सामान्य शारीरिक हमला नहीं है। यह सोची-समझी साजिश है। इससे पीड़ित के मन, शरीर और गरिमा पर गहरे घाव छूटते हैं। दोषी को कड़ी सजा दी जाए। शुक्रवार को कोर्ट ने दोषी को 10 साल के कठोर कारावास और एक लाख जुर्माने की सजा सुनाई।