संवाद न्यूज एजेंसी
सोनीपत। सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर 13 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। जांच के दौरान फर्जी नियुक्ति पत्रों और बैंक लेन-देन से जुड़े अहम तथ्य सामने आए हैं।
सोनीपत निवासी राजकुमार ने सेक्टर-27 थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई है कि फरवरी 2024 में उनकी मुलाकात नवीन से हुई थी। उसने सरकारी नौकरी लगवाने की बात कहते हुए उनकी बातचीत झारखंड के धनबाद निवासी अमित रंजन से कराई गई।
अमित रंजन ने स्वयं को राज्यसभा में कार्यरत बताते हुए नौकरी लगवाने का दावा किया। दोनों के झांसे में आकर राजकुमार ने अमित रंजन के एक्सिस बैंक खाते में अलग-अलग तिथियों पर कुल 13 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए।
शिकायतकर्ता के अनुसार बाद में उन्हें गृह मंत्रालय में प्रशासनिक अधिकारी के पद पर नियुक्ति का एक पत्र दिया गया लेकिन संबंधित विभाग से जांच कराने पर वह फर्जी निकला। जब उसने रकम वापस मांगी तो आरोपियों ने गंभीर परिणाम भुगतने की धमकियां दीं।
जांच में नवीन ने भी खुद को बताया ठगी का शिकार
मामले की जांच एएसआई प्रदीप की तरफ से की गई। जिसमें शिकायतकर्ता और नवीन के बयान दर्ज किए गए। जांच के दौरान नवीन ने दावा किया कि अमित रंजन ने उससे भी रेलवे विभाग में सरकारी नौकरी लगवाने के नाम पर करीब 18 लाख रुपये लिए थे। पुलिस की ओर से अमित रंजन को जांच में शामिल होने के लिए कई नोटिस और व्हाट्सएप संदेश भेजे गए लेकिन वह जानबूझकर जांच में शामिल नहीं हुआ। पुलिस ने बैंक ट्रांजेक्शन और अन्य दस्तावेजों के आधार पर मामले की विस्तृत पड़ताल शुरू कर दी है।
वर्जन
शिकायत के आधार पर अमित रंजन के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। आरोपी सदर थाना के एक मामले में भी पहले से नामजद रहा है। उसे जल्द गिरफ्तार कर पूछताछ की जाएगी। -इंस्पेक्टर सवित, थाना प्रभारी सेक्टर-27 सोनीपत।