बहादुरगढ़। बहादुरगढ़ जल आपूर्ति चैनल(बीडब्ल्यूएस) से सेक्टर सात स्थित हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) के वाटर ट्रीटमेंट प्लांट को पर्याप्त मात्रा में रॉ वाटर नहीं मिल रहा है। इससे शहर के कई सेक्टरों में पेयजल आपूर्ति प्रभावित होने की संभावना बन गई है। एचएसवीपी और जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (पीएचईडी) के बीच खींचतान शुरू हो गई है।
एचएसवीपी के अधिकारियों ने जनस्वास्थ्य विभाग पर नहर में बंधा लगाने और इनलेट के साथ छेड़छाड़ करने का आरोप लगाया है। एचएसवीपी के अधिशासी अभियंता की ओर से सिंचाई विभाग और जनस्वास्थ्य विभाग को पत्र लिखकर नहर में इनलेट के साथ छेड़छाड़ न करने तथा पानी की निर्बाध आपूर्ति करने की मांग की है।
एचएसवीपी की ओर से लिखे पत्र के अनुसार बहादुरगढ़ जल आपूर्ति चैनल से अपने स्वीकृत हिस्से के अनुसार 57 प्रतिशत कच्चा पानी मिलना चाहिए लेकिन वर्तमान में निर्धारित हिस्से के अनुरूप पानी नहीं मिल रहा है। इसके चलते सेक्टर सात स्थित वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में पानी की कमी हो रही है और सेक्टरों में पेयजल आपूर्ति बनाए रखना मुश्किल हो गया है।
एचएसवीपी की ओर से यह भी आरोप लगाया गया है कि जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (पीएचईडी) द्वारा नहर में जनस्वास्थ्य विभाग ने अपने इनलेट का आकार बढ़ा दिया है और एचएसवीपी के वाटर ट्रीटमेंट प्लांट की ओर जाने वाले चैनल को पत्थरों व सिल्ट आदि डालकर आंशिक रूप से अवरुद्ध कर दिया। इस संबंध में फोटो भी संबंधित अधिकारियों को भेजे गए।
एचएसवीपी के जेई आशीष छिल्लर ने बताया कि संबंधित विभाग से मामले में हस्तक्षेप की मांग करते हुए एसडीई स्तर के अधिकारियों को मौके पर भेजकर जांच कराने का अनुरोध किया है। साथ ही कहा है कि एचएसवीपी को उसके वास्तविक हिस्से के अनुसार रॉ वाटर की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए ताकि सेक्टरों में पेयजल व्यवस्था को सुचारू रूप से बनाए रखा जा सके और लोगों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
गर्मी शुरू होते ही पानी की मांग बढ़ जाती है। हमें 23 क्यूसिक पानी मिलता है। विभाग की ओर से हर रोज 27 मिलियन लीटर प्रति दिन यानि एमएलडी पानी सप्लाई करते हैं। पानी की कमी होने की वजह से नहर में इनलेट ज्यादा खोला जाता है ताकि शहरवासियों की मांग को पूरा किया जा सके।
संदीप दुहन, एसडीओ, जनस्वास्थ्य विभाग, बहादुरगढ़।
फोटो-52: बहादुरगढ़ नहर में पानी की आपूर्ति बाधित करने के लिए डाले गए पत्थर व सिल्ट। स्रोत एचएसवी