फोटो : 16: निर्माण के एक दिन बाद ही सड़क की दशा। संवाद
- फोटो : samvad
सोनीपत। गोहाना में 35 लाख रुपये की लागत से बनाई गई सड़क दो दिन भी नहीं टिकी, हालत यह रही कि निर्माण के एक दिन में ही सड़क उखड़ने लगी। अब हालत यह है कि वहां से वाहन निकालना मुश्किल हो रहा है। सड़क की इस दशा ने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
नगर पालिका परिषद ने सड़क का निर्माण कराने वाली फर्म का भुगतान रोक दिया है। पूरी सड़क उखाड़कर नये सिरे से निर्माण कराने का आदेश दिया है। गोहाना में सात दिन पहले बस स्टैंड से लेकर मुख्य मार्ग पर जर्जर सड़क का नए सिरे से निर्माण कराया गया था। करीब 500 मीटर की सड़क के निर्माण में 35 लाख रुपये का बजट स्वीकृत हुआ।
पुरानी लेयर हटाकर डामरीकृत सड़क बनाई जानी थी, लेकिन उसका खयाल नहीं किया गया और पुरानी लेयर पर ही गुणवत्ता को नजरअंदाज घटिया सामग्री से सड़क तैयार कर दी गई। जिसका नतीजा यह हुआ कि निर्माण के अगले दिन ही सड़क उखड़ने लगी। अब हालत यह है कि पहले से भी बुरी दशा में मार्ग हो गया है।
जहां से वाहन निकालना तो दूर पैदल चलना भी मुश्किल हो रहा है। निर्माण के अगले दिन बारिश हो गई थी। जिससे पूरी सड़क ही धूल गई। गुणवत्ताविहीन सड़क बनने से नगर पालिका परिषद पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
सड़क उखड़ गई है. इसकी वजह अगले दिन ही बारिश होना है। सड़क बनाने वाली फर्म को तीन साल तक सड़क का रखरखाव करना है। सड़क के नए सिरे से उखाड़कर तैयार करने का आदेश दिया गया है। गुणवत्ता में किसी भी तरह का समझौता नहीं होगा।
- रजनी विरमानी, चेयरपर्सन, नगर पालिका परिषद