गोहाना। खानपुर कलां स्थित बीपीएस महिला मेडिकल कॉलेज में गंभीर बीमारियों और आपात स्थिति वाले मरीजों के लिए आईसीयू की में सुविधाएं बढ़ाई जा रही हैं। मेडिकल कॉलेज परिसर में 50 बेड क्षमता की नई आईसीयू यूनिट तैयार की जा रही है।
25 करोड़ रुपये की लागत वाले इस प्रोजेक्ट का 20 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। नई यूनिट शुरू होने के बाद गंभीर मरीजों को आईसीयू बेड की कमी के कारण दूसरे अस्पतालों में रेफर करने की जरूरत कम होने की उम्मीद है।
बीपीएस महिला मेडिकल कॉलेज में प्रतिदिन दो हजार से अधिक मरीज ओपीडी में उपचार के लिए पहुंचते हैं। मेडिकल कॉलेज में मरीजों के लिए करीब 500 बेड उपलब्ध हैं। क्षेत्र के अलावा दूसरे जिलों और राज्यों से भी बड़ी संख्या में मरीज यहां उपचार कराने आते हैं।
ऐसे में मौजूदा आईसीयू की क्षमता मरीजों की संख्या के अनुपात में कम पड़ रही है। मेडिकल कॉलेज में पहले से संचालित आईसीयू में कुल 38 बेड हैं। इनमें एसआईसीयू में आठ, एमआईसीयू और आरआईसीयू में सात-सात, पीआईसीयू में 10 और एनआईसीयू में छह बेड शामिल हैं। अलग-अलग आईसीयू में मरीजों की बीमारी और जरूरत के अनुसार उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है।
अलग-अलग आईसीयू में बीमारी के अनुसार मिलता है उपचार
सीआईसीयू में ऑपरेशन के बाद मरीजों को भर्ती किया जाता है। एमआईसीयू में मेडिसिन से संबंधित मरीजों, आरआईसीयू में मेडिसिन और श्वास संबंधी रोगियों को उपचार दिया जाता है। वहीं पीआईसीयू में बड़े बच्चों और एनआईसीयू में नवजात शिशुओं को उपचार की सुविधा मिलती है। मौजूदा क्षमता कम होने के कारण कई बार गंभीर मरीजों को दूसरे अस्पतालों में रेफर करना पड़ता है।
मार्च 2027 तक नई यूनिट तैयार करने का लक्ष्य
आईसीयू सुविधा के विस्तार के लिए मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने स्वास्थ्य विभाग को प्रस्ताव भेजा था, जिसे मंजूरी मिल चुकी है। इसके बाद 50 बेड की नई आईसीयू यूनिट का निर्माण शुरू किया गया है। अधिकारियों के अनुसार प्रोजेक्ट का करीब 20 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है।
मरीजों की सुविधा के लिए नई आईसीयू यूनिट बनाई की जा रही है। इसे मार्च 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य है। यूनिट शुरू होने के बाद गंभीर मरीजों को इसका लाभ मिलेगा।
डॉ. जगदीश चंद्र दुरेजा, डायरेक्टर, बीपीएस महिला मेडिकल कॉलेज खानपुर कलां
फोटो 29जेएनडी01-मौसम बदलने से सुबह के समय आसमान में छाए बादल। संवाद