सोनीपत। नियम 134ए के तहत आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों को दाखिला दिलवाने के लिए अभिभावकों को लगातार परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पहले ऑनलाइन आवेदन करने से लेकर स्कूल आवंटन सूची जारी होने तक अभिभावक चक्कर काटते रहे, वहीं स्कूल आवंटन के बाद अब निजी स्कूल दाखिला देने में आनाकानी कर रहे हैं। कुछ स्कूलों में जहां दाखिले के लिए ट्यूशन फीस मांगी जा रही है, वहीं कुछ स्कूल बीईओ कार्यालय से पत्र न मिलने का हवाला देकर बच्चों व अभिभावकों को वापस लौटा रहे हैं। परेशान अभिभावक निजी स्कूलों से सीधे बीईओ कार्यालय पहुंच रहे हैं। अभिभावकों ने इसे लेकर हस्तक्षेप की मांग की है।
शुक्रवार को दिनभर अभिभावक अपनी परेशानियां लेकर बीईओ कार्यालय में चक्कर काटते रहे। उनका आरोप था कि निजी स्कूल लगातार बहाने बना रहे हैं। बच्चों को दाखिला दिलाने में दिक्कत आ रही है। जिस पर शिक्षा अधिकारियों ने कहा कि निजी स्कूल परीक्षा फीस व ट्रांसपोर्ट फीस के अलावा किसी प्रकार का चार्ज नहीं ले सकते। नियम 134ए के तहत बच्चों को दाखिला देने के लिए सभी स्कूलों को निर्देश दिए गए हैं। अगर कोई स्कूल नियमों की अवहेलना करता है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। स्कूल की मान्यता तक रद्द की जा सकती है।
विभाग की तरफ से सक्षम हरियाणा पोर्टल पर डाली गाइडलाइन
शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि नियम 134ए को लेकर सभी गाइडलाइन सक्षम हरियाणा पोर्टल पर डाली जा चुकी है। वहीं बीईओ की तरफ से भी वीरवार दोपहर तक सभी स्कूलों को मेल कर दी गई थी। स्कूलों को सक्षम हरियाणा पोर्टल पर ऑनलाइन दाखिला करना है। इसके बावजूद भी अगर कोई स्कूल लेटर मिलने संबंधी बहाना बना रहा है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
सोनीपत समेत पांच जिलों को जल्द दिया जाएगा पैसा
शिक्षा निदेशालय ने वीडियो कांफ्रेंसिंग कर बताया कि सभी निजी स्कूलों से नियम 134ए के तहत पिछले सालों की डिमांड मांगी गई थी। काफी स्कूलों की डिमांड मिली हैं। जिसके आधार पर जल्द ही सोनीपत सहित पांच जिलों के ग्रांट रिलीज की जाएगी। ऐसे में कोई भी निजी स्कूल पिछले सालों का पैसा न आने की बात कहकर किसी भी बच्चे को दाखिले से वंचित नहीं कर सकता।
स्कूल बदलवाने की करते रहे मांग
शुक्रवार को बीईईओ कार्यालय पहुंचे अभिभावकों में ज्यादातर अभिभावकों ने स्कूल आवंटन लिस्ट में जो स्कूल मिला है उसे बदलवाने की मांग की। अभिभावकों ने कहा कि उनके बच्चों को जो स्कूल अलॉट हुए हैं वह उनके घर से बहुत दूर हैं। ऐसे में वह अपने बच्चों को अकेले इतनी दूर नहीं भेज सकते। ऐसे में अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बच्चों को वह स्कूल ही अलॉट किए गए हैं जो ऑनलाइन आवेदन में भरे गए थे। अब किसी भी बच्चे का स्कूल नहीं बदला जा सकता।
यहां बनी असमंजस की स्थिति
आंवटन में श्रीजी इंटरनेशनल स्कूल मिलने पर एक अभिभावक अपने बच्चे को चौथी कक्षा में दाखिला दिलवाने स्कूल पहुंचे, लेकिन स्कूल प्रबंधन ने दाखिला देने से इंकार कर दिया। उनके पास बच्चे का जो रिकॉर्ड आया है, उसमें बच्चा तीसरी कक्षा में हैं, लेकिन अभिभावक बच्चे का तीसरी पास का रिपोर्ट कार्ड लेकर आए हैं। अभिभावक ने बताया कि उनके बच्चे ने तीसरी कक्षा पास की है। ऑनलाइन आवेदन करते समय उन्होंने सोचा कि परीक्षा तीसरी कक्षा की होगी, इसलिए उन्होंने तीसरी कक्षा भर दी। अभिभावक ने कहा कि उसके बच्चे ने तीसरी कक्षा पास कर ली है, इसलिए उसे चौथी कक्षा में दाखिला दिया जाए। शिक्षा अधिकारियों ने शिक्षा निदेशालय को पत्र भेज इस बारे में अवगत कराया है। अधिकारियों ने कहा कि जो भी आदेश आएंगे, उसके आधार पर ही आगामी कार्रवाई की जाएगी।
15 के बाद शुरू होगी दूसरी दाखिला प्रक्रिया
स्कूल आवंटन लिस्ट के आधार पर दाखिला प्रक्रिया 10 मई तक पूरी की जाएगी। साथ ही निजी स्कूलों को खाली सीट की जानकारी देनी होगी। जिन बच्चों का नाम पहली आवंटन सूची में नहीं आया था उन्हें 15 मई के बाद दाखिले के लिए मौका मिलेगा। सभी अभिभावकों के मोबाइल पर इससे संबंधित संदेश भी भेजा जाएगा। शिक्षा अधिकारियों ने कहा कि 12 मई को लोकसभा चुनाव होने के कारण ही 15 मई को दूसरी स्कूल आवंटन सूची जारी की जाएगी।
निजी स्कूल संचालकों की चेतावनी, प्रतिपूर्ति शुल्क मिले बिना नहीं करेंगे एडमिशन
सोनीपत। नियम-134ए के तहत आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों के निजी स्कूलों में दाखिला देने को लेकर एक और परेशानी खड़ी हो गई है। करीब 300 निजी स्कूल संचालकों ने शुक्रवार शाम बैठक कर फैसला लिया है कि जब तक सरकार प्रतिपूर्ति के तौर पर उन्हें चार वर्षों की फीस नहीं दे देती, तब तक वह किसी भी बच्चे को दाखिला नहीं देंगे। हरियाणा संयुक्त विद्यालय संघ के नेतृत्व में हुई बैठक में सभी ने सर्वसम्मति से फैसला लेते हुए कहा कि बिना फीस के उन्हें भी स्कूल चलाने में दिक्कत हो रही है। हरियाणा संयुक्त विद्यालय संघ के जिला अध्यक्ष अजमेर सिंह ने बताया कि जब सरकार चार वर्षों की फीस सभी को दे देगी, तब वह बच्चों का दाखिला कर लेंगे।
दाखिला न देने वाले स्कूलों के खिलाफ होगी कार्रवाई
शिक्षा निदेशालय की तरफ से सभी स्कूलों को जल्द ही ग्रांट जारी कर दी जाएगी। पहले चरण में सोनीपत सहित पांच जिलों को ग्रांट दी जाएगी। ऐसे में निजी स्कूल बच्चों को दाखिल देने से इंकार नहीं कर सकते। नियम 134ए के तहत सभी स्कूलों को दाखिला देना होगा। अगर कोई स्कूल दाखिला देने में आनाकानी करता है या फिर अभिभावकों से दाखिले के नाम पर पैसे मांगता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उस स्कूल की मान्यता भी रद्द की जा सकती है।
पुष्पा शर्मा, खंड शिक्षा अधिकारी, सोनीपत