सोनीपत के गन्नौर के बड़ी स्थित राजकीय प्राथमिक पाठशाला में बच्चों को केंद्र पर लाकर नाम लिखती श
सोनीपत। समग्र शिक्षा अभियान के तहत स्कूल छोड़ चुके बच्चों को दोबारा स्कूल की डगर पर लाने के लिए शिक्षा विभाग की तरफ से जिले में 73 शैक्षिक स्वयंसेवक (एजुकेशन वालंटियर) की नियुक्ति की है। यह शैक्षिक स्वयंसेवक अपने-अपने क्षेत्र में सर्वे कर ड्रॉपआउट बच्चों की तलाश करेंगे और उन्हें केंद्र तक लाकर पढाएंगें। नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत होने पर इन बच्चों का नजदीकी स्कूल में दाखिला करवाएंगे।
सहायक परियोजना संयोजक (एपीसी) डॉ. अतर सिंह ने बताया कि शिक्षा विभाग समग्र शिक्षा अभियान के तहत शिक्षा से वंचित बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के उद्देश्य से व्यापक कदम उठा रहा है। इसके लिए 73 शैक्षिक स्वयंसेवक नियुक्त किए गए हैं। इनकी नियुक्ति जिले के पांच खंडों गोहाना, गन्नौर, खरखौदा, राई व सोनीपत में की गई है।
31 मार्च तक रहेगा कार्यकाल, प्रति माह मिलेंगे 10 हजार
नियुक्त किए गए सभी शैक्षिक स्वयंसेवकों का कार्यकाल छह माह यानी 31 मार्च तक रहेगा। इस दौरान इन्हें 10 हजार रुपये मासिक मानदेय दिया जाएगा। नियुक्त किए गए सभी शैक्षिक स्वयंसेवक पांच दिन तक अपने-अपने क्षेत्र में सर्वे करेंगे और ड्राॅपआउट बच्चों को ढूंढकर डीपीसी कार्यालय में अवगत करेंगे।
कहां कितने शैक्षिक स्वयंसेवक किए नियुक्त
खंड शैक्षिक स्वयंसेवक
गन्नौर 08
गोहाना 05
खरखौदा 04
सोनीपत 23
राई 33
कुल 73
- समग्र शिक्षा अभियान के तहत ड्रॉपआउट बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए जिले के पांच खंडों में 73 शैक्षिक स्वयंसेवकों की नियुक्ति की गई है। यह शैक्षिक स्वयंसेवक पांच दिन तक अपने क्षेत्रों में सर्वे कर स्कूल छोड़ चुके बच्चों की तलाश कर उन्हें केंद्र तक लाएंगे और पढ़ाएंगे।
जितेंद्र छिक्कारा, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, सोनीपत