सोनीपत। जिले की छह विधानसभा सीट से अपनी किस्मत आजमाने उतरे 65 प्रत्याशियों में से 52 प्रत्याशी अपनी जमानत तक नहीं बचा सके। पूर्व सांसद के भाई एवं गन्नौर से भाजपा प्रत्याशी देवेंद्र कौशिक, खरखौदा विधानसभा से चुनाव लड़ रहे पूर्व विधायक रमेश खटक के साथ आम आदमी पार्टी, जननायक जनता दल व इनेलो के प्रत्याशी भी अपनी जमानत नहीं बचा पाए।
सोनीपत विधानसभा सीट पर कांग्रेस व भाजपा में सीधी टक्कर रही। भाजपा के निखिल मदान ने 29627 वोट से जीत हासिल की। कांग्रेस प्रत्याशी सुरेंद्र पंवार को छोड़कर अन्य 10 प्रत्याशियों की जमानत जब्त हो गई। राई में भाजपा की कृष्णा गहलावत 4679 वोट से जीतीं। क्षेत्र में कांग्रेस के जयभगवान आंतिल को छोड़कर अन्य सभी 12 प्रत्याशी अपनी जमानत तक नहीं बचा सके।
यही हाल खरखौदा विधानसभा में रहा, यहां भाजपा के पवन खरखौदा ने जीत दर्ज की। कांग्रेस के जयवीर सिंह दूसरे स्थान पर रहें। इनके अलावा अन्य सभी आठ प्रत्याशियों की जमानत जब्त हो गई। गोहाना विधानसभा में विजेता व उपविजेता के अलावा अन्य नौ प्रत्याशियों की जमानत जब्त हुई। बरोदा विधानसभा में विजेता इंदुराज नरवाल, उप विजेता कपूर नरवाल व भाजपा के प्रदीप सांगवान को छोड़ चार अन्य की जमानत जब्त हुई। गन्नौर विधानसभा में विजेता निर्दलीय देवेंद्र कादियान व उप विजेता कांग्रेस प्रत्याशी कुलदीप शर्मा को छोड़कर अन्य नौ में से कोई भी जमानत तक नहीं बचा सका।
पूर्व सांसद के भाई व पूर्व विधायक तक नहीं बचा सके जमानत
गन्नौर से पूर्व सांसद के भाई एवं भाजपा प्रत्याशी देवेंद्र कौशिक को कुल 17605 वोट प्राप्त हुई। इसके बाद भी वह अपनी जमानत नहीं बचा सके। वहीं खरखौदा विधानसभा से जननायक जनता पार्टी के प्रत्याशी एवं बरोदा विधानसभा से तीन बार के पूर्व विधायक रमेश खटक भी अपनी जमानत नहीं बचा सके। गोहाना विधानसभा से निर्दलीय हर्ष छिक्कारा 14761 व राजवीर दहिया 8824 वोट लेने के बावजूद अपनी जमानत नहीं बचा पाए। खरखौदा में भाजपा से बगावत कर इनेलो की टिकट पर मैदान में उतरे प्रीतम खोखर भी जमानत जब्त करा गए।
इनेलो-बसपा, आप, जजपा-एएसपी का कोई प्रत्याशी नहीं बचा सका जमानत
सोनीपत में कांग्रेस व भाजपा के बीच ही मुकाबला बना रहा। यहां से इनेलो-बसपा गठबंधन, जजपा-एएसपी गठबंधन और आम आदमी पार्टी का कोई प्रत्याशी अपनी जमानत नहीं बचा सका।