फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आग लगने से बसौदी में 600 एकड़ और बैंयापुर में 28 एकड़ का तूड़ा जला

विज्ञापन
राजलूगढ़ी गांव में आग लगने से क्षतिग्रस्त हुई रिपर मशीन और ट्राली। संवाद - फोटो : Sonipat
विज्ञापन
आंधी के दौरान सोमवार रात में जिले में कई जगहों पर आग लगने से किसानों का काफी नुकसान हुआ। दमकल विभाग के कर्मचारी गाड़ियां लेकर रातभर आग बुझाने में लगे रहे। वहीं आंधी के कारण तार टूटने से दमकल विभाग के कंट्रोल रूम का फोन बंद हो गया। जिसकी वजह से किसान पहले कंट्रोल रूम के नंबर पर फोन करते रहे। फोन नहीं मिला तो उन्होंने डायल 112 करने शुरू कर दिए। इसके बाद दमकल विभाग की टीम घटनास्थल पर आग बुझाने के लिए रातभर दौड़ती रही।
विज्ञापन

गांव बसौदी के खेतों में अज्ञात कारणों से तूड़े में आग लग गई। किसानों ने पशुओं के लिए 600 एकड़ का तूड़ा एकत्रित कर रखा था। किसानों और फायर ब्रिगेड के प्रयास के बावजूद आग पर काबू नहीं पाया जा सका। आग में दो ट्रॉलियां और एक किसान का हाथ भी जल गया। किसान सोनू व दिलबाग सिंह ने एक खेत में तूड़े का स्टॉक किया हुआ था। आग बुझाने के प्रयास में किसान सोनू का हाथ जल गया। आग बुझाने के लिए राई, कुंडली व सोनीपत से दमकल विभाग की सात गाड़ियों को बुलाना पड़ा। उसके बावजूद तूड़े में लगी आग मंगलवार दोपहर तक बुझ पाई। घटना के बाद किसानों ने बिजली निगम व प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई। पीड़ित किसानों ने मुआवजा दिलाने की मांग की है।
बैंयापुर में तूड़े व फांस के साथ मुर्गी फार्म जला, तीन घंटे देरी से पहुंचे दमकल कर्मी
बैंयापुर में सोमवार रात आंधी के दौरान 28 एकड़ का तूड़ा व 30 एकड़ के फांस जल गए। इसके साथ ही एक मुर्गी फार्म में आग लग गई। किसानों ने आग लगने की सूचना दमकल को देनी चाही पर नंबर नहीं मिला तो उन्होंने डायल 112 पर जानकारी दी। इस बीच किसान अपने स्तर पर आग बुझाने का प्रयास करते रहे। सूचना देने के तीन घंटे देरी से दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची। तब तक किसानों का काफी नुकसान हो चुका था। किसान सुरेश, जसबीर, अंग्रेज, सुमित ने बताया कि जिस समय आंधी आई थी, उस दौरान बिजली निगम ने बिजली आपूर्ति बंद नहीं की। तारों के आपस में टकराने के कारण उठी चिंगारी से आग लग गई। जिससे किसान संजय द्वारा पशुपालन के लिए एकत्रित किया गया 28 एकड़ का तूड़ा जल गया। साथ ही 30 एकड़ में फांस जल गए। वहीं किसान राजबीर के मुर्गी फार्म में आग लगने के कारण काफी नुकसान हो गया।
विज्ञापन

तूड़ा बनाते समय आग लगने से ट्रैक्टर जला
गांव घड़वाल में तूड़ा बनाते समय तारों के टकराने के कारण उठी चिंगारी से अवशेष व ट्रैक्टर में आग लग गई। ट्रैक्टर पूरी तरह से जल गया। ट्रैक्टर में लगी आग ने रिपर मशीन को भी अपनी चपेट में ले लिया। चालक राज सिंह ने ट्रैक्टर से कूदकर जान बचाई। किसानों ने दमकल केंद्र में सूचना दी। केंद्र के कर्मचारियों ने मौके पर पहुंच कर आग बुझाई। किसान सुंदर ने बताया कि वह अपने ट्रैक्टर से खेत में गेहूं के अवशेष से तूड़ा बनवा रहा था। ट्रैक्टर राज सिंह चला रहा था।
80 एकड़ का तूड़ा, एक एकड़ में गन्ने की फसल, रिपर मशीन व ट्रॉली जली
आंधी के दौरान गांव राजलू गढ़ी स्थित एक खेत में आग लगने से रिपर मशीन, ट्राली, एक एकड़ गन्ने की फसल, 80 एकड़ का तूड़ा जल गया। पीड़ित किसान सतबीर ने इस संबंध में पड़ोसी किसान पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए पुलिस को भी शिकायत दी है। सतबीर ने बताया कि उसके पड़ोसी किसान ने शाम अपने खेत में फांस जलाने के लिए आग लगाई थी। उन्होंने पड़ोसी किसान को आग लगाने से रोका भी था, लेकिन वह नहीं माना। जिस कारण आग उसके खेत से आकर उनके खेत में लग गई और लाखों रुपये का नुकसान हुआ। किसान ने बताया कि रात को आग लगने के बाद ही दमकल विभाग को सूचना दी थी, लेकिन सुबह 10 बजे दमकल विभाग की गाड़ी आई। तब तक सब कुछ जल चुका था।
दूसरी ओर गांव भांवर में देर रात करीब 80 एकड़ का मशरूम लगाने के लिए एकत्रित कर रखा तूड़ा जल गया। आग लगने से किसानों को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। भौरा रसूलपुर में मशरूम लगाने के रखे 10 शेड लकड़ी के बांस जल गए। किसान सुनील ने बताया कि आग लगने के कारण उसे काफी नुकसान हो गया है। गांव घसौली के खेतों में तूड़े के आठ कूप, प्रवासी मजदूरों का सामान, यमुना के बांध पर कई बिटौड़े जलकर राख हो गए।
आंधी के दौरान आग लगने से कई जगहों पर काफी नुकसान हुआ है। आंधी के कारण तारे टूटने से कंट्रोल रूम के दो फोन नंबर बंद हो गए। डायल 112 की टीमों से सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया जा सका। रामपाल, अग्निशमन अधिकारी, सोनीपत

बैंयापुर के खेतों में तूड़े में लगी आग से उठतीं लपटें। संवाद- फोटो : Sonipat

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें