सोनीपत। राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के तहत 26 अगस्त से 2 सितंबर तक विशेष अभियान चलाकर घर-घर जाकर एक से 19 वर्ष तक के बच्चों को एल्बेंडाजोल की गोलियां खिलाई जाएंगी।
इस विषय को लेकर नगराधीश डॉ. अनमोल ने स्वास्थ्य, शिक्षा, महिला एवं बाल विकास के अधिकारियों के साथ बैठक कर रूपरेखा तैयार की। उन्होंने कहा कि बच्चों को कुपोषण से बचाने व उन्हें स्वास्थ्य के बारे में जागरूक करने के लिए सभी विभाग आपसी तालमेल के साथ राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस कार्यक्रम में सहयोग करें।
कार्यक्रम के माध्यम से 26 अगस्त से 2 सितंबर तक विशेष अभियान के तहत दवा खिलाई जानी है। इस अभियान को सफल बनाने के लिए शत प्रतिशत बच्चों को दवा खिलाना सुनिश्चित करें।
सिविल सर्जन डॉ. ज्योत्सना ने कहा कि कृमि मुक्ति दिवस मनाए जाने का मुख्य उद्देश्य बच्चों को पेट के कीड़ों की बीमारी से मुक्त करना है। यह बीमारी बच्चों में शारीरिक कमजोरी उत्पन्न करती है। बच्चे कुपोषण का शिकार हो जाते हैं।
उन्होंने कहा कि बच्चों को कुपोषण से बचाने में शिक्षक अहम भूमिका निभा सकते हैं। इसके अलावा स्कूल व कॉलेजों में विद्यार्थियों को स्वास्थ्य व स्वच्छता के टिप्स बताएं। छोटे बच्चों को हैंडवाॅश के बाद खाना खाने के फायदे जरूर बताएं।
सिविल सर्जन ने कहा कि जिले में लक्ष्य के अनुसार शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में घर-घर जाकर ही बच्चों को एल्बेंडाजोल की दवा खिलाएं। एएनएम व आंगनबाड़ी कार्यकर्ता यह सुनिश्चित करें कि कोई भी बच्चा दवा से वंचित न रहे।
उप सिविल सर्जन डॉ. स्वराज चौधरी ने बताया कि जिले में 1 से 19 साल तक के 5,71,000 व 20 से 24 साल तक की 39 हजार प्रजनन महिलाओं को एल्बेंडोजोल की दवा खिलाई जाएगी। अगर किसी भी बच्चे को कोई दिक्कत होती है तो अपने आस-पास के सरकारी स्वास्थ्य केंद्र या एंबुलेंस 112 पर सूचना दें।