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Sonipat News: ईसीसी और ग्रीन टैक्स में बढ़ोतरी के विरोध में 500 ट्रकों के चक्के जाम

Fri, 22 May 2026 06:20 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
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फोटो : सोनीपत के फाजिलपुर ट्रक यूनियन में हड़ताल का समर्थन करते ट्रक मालिक व ऑपरेटर। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
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सोनीपत। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में पर्यावरण क्षतिपूर्ति शुल्क (ईसीसी) में बढ़ोतरी और गैर दिल्ली पंजीकृत बीएस-4 वाहनों पर प्रतिबंध के विरोध में ट्रांसपोर्टरों ने आंदोलन छेड़ दिया है। ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्टर्स कांग्रेस के आह्वान पर 23 मई तक ट्रकों और अन्य व्यावसायिक वाहनों का संचालन बंद रहेगा।
इस चक्का जाम की वजह से सोनीपत और दिल्ली के बीच प्रतिदिन चलने वाले 500 से अधिक भारी वाहनों की आवाजाही बंद हो गई है। इससे माल ढुलाई व्यवस्था चरमरा गई है। फाजिलपुर ट्रक यूनियन परिसर में बड़ी संख्या में ट्रक खड़े नजर। वीरवार को ट्रक मालिकों और ऑपरेटरों ने सरकार के खिलाफ रोष प्रकट किया।
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उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने बढ़ाए गए ईसीसी और नए नियम वापस नहीं लिए तो आंदोलन को अनिश्चितकालीन हड़ताल में बदला जाएगा। भाईचारा ट्रक ओनर्स एसोसिएशन के प्रधान अमित कटारिया ने कहा कि लगातार बढ़ते ग्रीन टैक्स, डीजल की कीमतों और पुराने वाहनों पर सख्त पाबंदियों ने ट्रांसपोर्ट कारोबार को भारी आर्थिक संकट में डाल दिया है।
उन्होंने कहा कि बीएस-4 वाहनों पर प्रतिबंध और ईसीसी में वृद्धि से हजारों ट्रक मालिकों, ऑपरेटरों और चालकों की आजीविका पर खतरा मंडरा रहा है। पहले ईसीसी 3,100 रुपये था जिसे अब 4,500 रुपये कर दिया गया है।
एसोसिएशन के उप प्रधान प्रदीप आंतिल और विजय कुमार ने बताया कि आंदोलन के तहत सभी ऑपरेटरों को निर्देश दिए गए हैं कि वह दिल्ली जाने वाले किसी भी व्यावसायिक वाहन की न तो लोडिंग करें और न ही उन्हें रवाना करें। इसके चलते आवश्यक वस्तुओं, निर्माण सामग्री और औद्योगिक सामान की आपूर्ति प्रभावित होने लगी है।


ट्रांसपोर्टरों का कहना है कि यदि यह गतिरोध लंबा चला तो दिल्ली-एनसीआर के बाजारों में राशन, किराना, सूखे मेवे, मसाले, फल, ऑटो पार्ट्स, रेडीमेड गारमेंट्स, इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद, खिलौने, हार्डवेयर, क्रॉकरी और अन्य दैनिक उपयोग के सामानों की किल्लत पैदा हो जाएगी।



ट्रक ऑपरेटरों ने सरकार से मांग की है कि ईसीसी और ग्रीन टैक्स में की गई बढ़ोतरी को तुरंत वापस ले। प्रदूषण मुक्त बीएस-6 वाहनों को इन टैक्सों से पूरी तरह छूट दे। एक नवंबर से प्रस्तावित बीएस-4 वाहनों पर प्रतिबंध के निर्णय पर पुनर्विचार करे।

तीन दिवसीय महा चक्का जाम के कारण माल बुकिंग रोक दी गई है। इससे उद्योग और व्यापार जगत की चिंता बढ़ गई है। ट्रांसपोर्टरों का कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो इसका व्यापक असर व्यापार, उद्योग और आम जनता की दैनिक जरूरतों पर पड़ सकता है।
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दिल्ली में रोके जा रहे बाहरी ट्रक

एसोसिएशन के सदस्यों का कहना है कि दिल्ली में भी हड़ताल है। पंजाब, जम्मू-कश्मीर से पहुंच रहे भारी वाहनों को दिल्ली की यूनियन रोक रही है। दिल्ली की सीमा में रोकने से बाहर के ट्रक चालकों को परेशानी हो रही है।

फोटो : सोनीपत के फाजिलपुर ट्रक यूनियन में हड़ताल का समर्थन करते ट्रक मालिक व ऑपरेटर। संवाद

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