सोनीपत। केंद्र सरकार की उल्लास योजना के तहत शिक्षा विभाग ने वर्ष 2025-26 में जिले के 44540 निरक्षरों को शिक्षित करने की तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए 450 सर्वेक्षकों को फील्ड में उतारा गया है। प्रत्येक गांव में निरक्षरों की खोज के लिए एक सर्वेक्षक की नियुक्ति की गई है, ताकि वर्ष 2027 तक सरकार की योजना के तहत प्रदेश को पूरी तरह से साक्षर किया जा सके। यह निरक्षर दैनिक कार्यों के साथ पढ़ने, हस्ताक्षर करने जैसे कार्यों में निपुण बन सकें।
उल्लास योजना के तहत प्रदेश में कुल 9 लाख और जिले के 44540 निरक्षरों को शिक्षा का ज्ञान देने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं। योजना का उद्देश्य वर्ष 2027 तक प्रदेश को पूर्ण रूप से साक्षर बनाना है। कुल निरक्षरों में से 5 लाख की सितंबर व शेष 4 लाख की मार्च 2026 में परीक्षा ली जाएगी। हालांकि शिक्षा विभाग जिले के 18800 निरक्षरों की परीक्षा पूरी करवा चुका है।
अधिकारियों ने बताया कि वर्ष 2024 में सोनीपत के 21778 निरक्षरों का पंजीकरण किया गया था। इनमें से 12300 निरक्षरों की सितंबर 2024 व 6500 की मार्च 2025 में परीक्षा ली जा चुकी है। शेष 2978 निरक्षरों को परीक्षा दिलवाने की श्रेणी में शामिल किया गया है।
शिक्षा विभाग ने दिखाई रफ्तार
शिक्षा निदेशालय की ओर से योजना के तहत निरक्षरों को शिक्षित बनाने के निर्देश मिलते ही जिला शिक्षा विभाग ने वर्ष 2025-26 के लिए 1000 लोगों का ऑफलाइन पंजीकरण कर लिया है, जिसे जल्द ऑनलाइन कराया जाएगा। इसके अलावा जिले के 25 हजार और निरक्षराें को योजना से जोड़ने का लक्ष्य रखा है। पंजीकरण करवाने वाले लोगों को विभाग के स्वयंसेवक उनके घर या गांव में बने उल्लास चेतना केंद्र में छह माह में 200 घंटे पढ़ाकर शिक्षा देंगे। पहले इन लोगों को कक्षा पहली व दूसरी का पाठ्यक्रम पढ़ाकर शिक्षित बनाया जाएगा। इसके बाद इच्छुक लोग कक्षा तीसरी के लिए परीक्षा की तैयारी कर सकेंगे।
शिक्षा मंत्री के जिले में 40936 निरक्षर
हिसार - 70663
रेवाड़ी - 25515
रोहतक - 31469
सिरसा - 60444
सोनीपत - 44540
पानीपत - 40936
अंबाला - 31172
भिवानी - 44384
दादरी - 16653
फरीदाबाद - 45496
फतेहाबाद - 45027
गुरुग्राम - 32769
झज्जर - 27869
जींद - 57604
कैथल - 50067
करनाल - 55431
कुरुक्षेत्र - 34390
महेंद्रगढ़ - 31302
नूंह - 56757
पलवल - 43102
पंचकूला - 14513
यमुनानगर - 39897
कुल - 900000
सरकार की उल्लास योजना के तहत संपूर्ण जिले को शिक्षित बनाने के लिए प्रयासरत हैं। इसके लिए जिले में 450 सर्वेक्षक नियुक्त किए गए हैं। प्रत्येक गांव में एक सर्वेक्षक को निरक्षरों को ढूंढ़कर उनका पंजीकरण करवाने की जिम्मेदारी दी गई है। -राजेश दहिया, समन्वयक, उल्लास योजना, सोनीपत।
फोटो 03- सोनीपत में उल्लास चेतना केंद्र में निरक्षर महिलाओं को पढ़ाती शिक्षा विभाग की स्वयंसेव