आरोपी को शनिवार तीसरे पहर सोनीपत कोर्ट में पेश किया गया, जहां उसे 10 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। आरोपी को एसटीएफ ने राई थाना में 11 फरवरी, 2018 को दर्ज चौथ मांगने के मामले में रिमांड पर लिया है। मामला बागपत के फैजुल्लापुर के नरेंद्र ने दर्ज कराया था। एसआईटी ने आरोपी का 15 दिन का रिमांड कोर्ट से मांगा था लेकिन कोर्ट ने 10 दिन का रिमांड दिया है।
दिल्ली पुलिस ने घोषित कर रखा है 1 लाख का इनाम
एसटीएफ प्रभारी ने बताया कि राजू बसौदी की गिरफ्तारी पर 4.80 लाख रुपये का इनाम रखा गया था। आरोपी की गिरफ्तारी पर सोनीपत, रोहतक व झज्जर पुलिस ने एक-एक लाख रुपये, खरखौदा थाना के दो मामलों में 25000 व 5000 रुपये, चंडीगढ़ पुलिस का 50000 तथा दिल्ली पुलिस ने एक लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा था।
कोर्ट परिसर में रही कड़ी निगरानी
राजू बसौदी को कोर्ट में पेशी के दौरान पुलिस ने कड़ी सुरक्षा व्यवस्था कर रखी थी। एसटीएफ के जवान चप्पे-चप्पे पर नजर बनाए थे। चार गाड़ियों के सुरक्षा घेरे में आरोपी को कोर्ट में लाया गया।
परिवार के सदस्य की हत्या के बाद अपराध की दुनिया में रखा कदम
राजू बसौदी ने अपने ही परिवार के सदस्य की हत्या कर अपराध की दुनिया में कदम रखा था। राजू बसौदी पर आरोप था कि उसने जमीनी विवाद में अपने परिवार के ही एक सदस्य की 27 अप्रैल, 2010 को हत्या कर दी थी। उसके बाद वह अपराध की दुनिया में आ गया। उसके बाद कई लूट की वारदात की।
राजू बसौदी पहले लूटपाट की वारदात को अंजाम देता था। बाद में उसने कारोर के अनिल छिप्पी गैंग से हाथ मिला था। अनिल कारोर के कहने पर उसने संदीप व नरेश उर्फ सेठी तथा करीब 20 अन्य के साथ मिलकर वर्ष 2012 में झज्जर जेल के बाहर पुलिस वैन पर हमला कर दिया था। हमले में अनिल कारोर के प्रतिद्वंदी दिलबाग उर्फ बाग्गा समेत तीन लोगों की हत्या कर दी थी।
इस मामले में पुलिस के जवान को भी गोली लगी थी। हालांकि एक माह बाद ही पुलिस जवान की मौत हो गई थी। वारदात को राजू बसौदी, संदीप व नरेश उर्फ सेठी की अगुवाई में अंजाम दिया गया था। उस समय ताबड़तोड़ गोलियां मारकर हत्या कर गई थी। हमले में एक मृतक को सबसे कम 39 से अधिक गोलियां मारी गई थीं।
अन्य को इससे अधिक ही गोलियां लगी थी। बताया गया है कि इनका षड्यंत्र इतना पुख्ता था कि अनिल कारोर ने एक दिन पहले ही जेल में 5 क्विंटल लड्डू बनवा लिए थे। जेल के बाहर वारदात को अंजाम देने के पीछे बताया गया कि आरोपी गोलियों की आवाज अनिल कारोर को सुनाना चाहते थे। आरोपी पुलिस टीम के हथियार भी लूट ले गए थे।
जुवेनाइल को गैंग में शामिल कर रहे गैंग सदस्य
एसटीएफ प्रभारी का कहना है कि पुलिस राजू बसौदी पर डेढ़ साल से निगाह रखे थी। इस दौरान सामने आया कि गैंग में जुवेनाइल लड़कों को शामिल किया जाता है। वह लड़के ही फिर लगातार वारदात करते हैं। अब पता लगाया जाएगा कि जुवेनाइल लड़कों को गैंग में किस तरह शामिल किया जाता था। उन्हें किस तरह के प्रलोभन देकर गैंग से जोड़ा जाता है।
दहशत फैलाकर उगाही करना गैंग का धंधा
पुलिस जांच में सामने आया है कि फिलहाल गैंग का धंधा लोगों में दहशत फैलाकर उगाही करना था। यहीं कारण है कि गैंग के सदस्य वारदात करने के बाद उसे तुरंत सोशल मीडिया के द्वारा लोगों तक पहुंचा देते थे। आतंकवादियों की तरह गैंग के गुर्गे इसका श्रेय लेने में लगे रहते थे। जिससे लोगों में गैंग के प्रति भय पैदा हो सके और अधिक से अधिक उगाही की जा सके।
पिछले दिनों फरीदाबाद में पुलिस वैन पर फायरिंग कर छुड़ाए गए संदीप उर्फ काला जठेड़ी को छुड़ाने की साजिश भी राजू बसौदी ने रची थी। इसके लिए पहले सेठी गैंग तैयार किया गया। सेठी गैंग ने तीन माह पहले पुलिस टीम पर हमला कर कुख्यात नरेश उर्फ सेठी का छुड़वाया था।
नरेश उर्फ सेठी जेल से बाहर आने के बाद लगातार वारदात कर रहा था। जिस पर राजू बसौदी को शक था कि वह जल्द पकड़ा जा सकता था। इसी के चलते उसने अपने पुराने साथी संदीप उर्फ काला जठेड़ी को छुड़ाने के लिए नरेश सेठी के नेतृत्व में गैंग के सदस्यों को भेजा था। वह संदीप को छुड़ाकर भाग निकले। हालांकि नरेश उस दौरान पुलिस के हत्थे चढ़ गया था।
चार दिन पहले पकड़ा गिरोह का सदस्य राजू उर्फ राजेश बसौदी राजू के नाम पर मांगता था रंगदारी
एसटीएफ प्रभारी ने खुलासा किया है कि चार दिन पहले अपने दो साथियों संग पकड़ा गया कुख्यात राजू बसौदी के गांव का रहने वाला राजू उर्फ राजेश फिलहाल कुख्यात राजू बसौदी बनकर फोन पर लोगों से रंगदारी मांगता था। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद यह खुलासा हो सका है।
राजू बसौदी पर यह मामले हैं दर्ज
- 27 अप्रैल, 2010 को राई थाना में हत्या का मुकदमा दर्ज हुआ।
- 15 जुलाई, 2011 में राई थाना में लूट का मुकदमा दर्ज हुआ।
- 25 जुलाई, 2011 में राई थाना में लूट का मुकदमा दर्ज हुआ।
- 22 अप्रैल, 2011 में कुंडली थाना में लूट का मुकदमा दर्ज हुआ।
- 9 मई, 2011 में कुंडली थाना में लूट का मुकदमा दर्ज हुआ।
- 13 दिसंबर, 2011 को रोहतक के सांपला में हत्या का मुकदमा दर्ज हुआ।
- दिल्ली के समयपुर बादली थाना में झपटमारी का मुकदमा दर्ज हुआ।
- 29 फरवरी, 2012 को बेगमपुर दिल्ली में लूट का मुकदमा दर्ज हुआ।