सोनीपत। गांव मलिकपुर में गोमुख से पहली बार आई डाक कांवड़ को लेकर उत्साह का माहौल रहा। डाक कांवड़ पहुंचने पर गांव में बोल बम के जयकारे गूंजने लगे। 38 युवाओं का यह दल डाक कांवड़ लेने के लिए 9 फरवरी को गांव से रवाना हुआ था। गोमुख से युवा 13 फरवरी को सुबह 9:09 बजे डाक कांवड़ लेकर चले थे।
500 किलोमीटर की दूरी का सफर तय कर गांव मलिकपुर में डाक कांवड़ लेकर शिवभक्त महाशिवरात्रि पर पहुंचे। गोमुख (गंगा माता का उद्गम स्थल ) से कावड़ लेकर आए शिवभक्तों ने यह यात्रा 47 घंटे में पूरी की। शिवभक्तों का कहना है कि कांवड़ बहुत सात्विक भाव से लाई जाती है।
बताया कि पूरे नियमों की पालना करनी पड़ती है, शुद्धता का ध्यान रखना पड़ता है। गोमुख से पहली बार कांवड़ लाने में करीब 47 घंटे लगे। उन्होंने कहा कि कांवड़ लाने का अपना अलग ही मजा है। बोल बम और हर हर महादेव के जयकारे लगाते हुए कब रास्ता कट जाता है पता ही नहीं चलता।
शिवभक्तों की टोली बोल बम-बोल बम के जयकारों के साथ क्षेत्र से गुजरते हुए गांव में पहुंची। अमित सैनी, नरेश सैनी, संदीप का कहना है कि वह पहले भी अनेक बाद डाक कांवड़ लेकर गांव में पहुंच चुके हैं। वह पहले हरिद्वार से लेकर आते थे। पहली बार गांव के शिवभक्तों के दल ने गोमुख की ओर रुख कर लिया है।
कांवड़ियों के संघ में ये रहे शामिल
गांव में 38 कांवड़ियों का संघ है जो श्रावण व फाल्गुन में कांवड़ लाने जाता है। इनमें नरेश सैनी, अमित सैनी, संदीप, उमेश त्यागी, राेहित, प्रवीन, जोनी, अमित, अंकुश, सीनू, प्रिंस, अनुज, अंकित, संजय, प्रमोद, सौरभ, अमन, जतिन, प्रिंस कुमार, राहुल, साहिल, रोहित, सागर, अंकित, विनय त्यागी, अरुण, रुद्र, दीपक, प्रिंस कुमार, चिंटू, राहुल, विक्की, अंकुर, वंश, अरुण, सागर कश्यप, अमन सैनी, अंकित शामिल रहे।