सोनीपत। खरीफ सीजन में खाद की किल्लत से जूझ रहे किसानों को राहत मिलने वाली है। सोमवार को सोनीपत रेलवे स्टेशन पर 2966 मीट्रिक टन यूरिया खाद का रैक पहुंचा है। दो दिन में यह खाद जिले के 400 से अधिक अधिकृत विक्रेताओं तक पहुंचाई जाएगी।
जिले में खरीफ की फसल धान, कपास, बाजरा और ज्वार की खेती की गई है। कुछ दिन से किसानों को खाद नहीं मिल पा रही है। कई जगहों पर इसका वितरण पुलिस निगरानी में करवाना पड़ा था। खरीफ सीजन में जिले में 49 हजार टन यूरिया की मांग रहती है। इस रैक से पहले 47 हजार टन यूरिया आ चुकी थी। नया रैक आने से कुल यूरिया 65 हजार टन पहुंच चुकी है।
जिले में खरीफ सीजन में डेढ़ लाख हेक्टेयर में धान, कपास, मक्का, बाजरा व ज्वार की फसलें उगाई गई हैं।इनके लिए यूरिया की काफी मांग रहती है। इस दौरान इसकी सामान्य मांग 49 हजार एमटी रहती है।
कृषि विशेषज्ञ का कहना है कि किसान आगामी रबी सीजन के लिए पहले से स्टॉक करने में लगे हैं, जिसके कारण आवश्यकता से अधिक मांग बन रही है। वर्तमान में 7 हजार एमटी यूरिया खाद का स्टॉक उपलब्ध है। 13 हजार 700 एमटी डीएपी खाद भी जिले में पहुंच चुकी है।
खाद व कीटनाशक के 15 सैंपल लैब में भेजे
कृषि विभाग लगातार खाद, बीज और कीटनाशक के सैंपल ले रहा है। हाल ही में सोनीपत और गोहाना क्षेत्र से 15 सैंपल लिए गए हैं। सोमवार इनको प्रयोगशाला भेजा गया। तीन दिन में विभाग ने 47 सैंपल लिए हैं।
जिले में खाद किल्लत पूरी तरह दूर हो चुकी है। खरीफ सीजन की 49 हजार एमटी डिमांड के मुकाबले अब तक 65 हजार एमटी यूरिया पहुंच चुकी है। किसानों से अपील है कि वह आवश्यकता से अधिक खाद का स्टॉक न करें। -डॉ. पवन शर्मा, कृषि उपनिदेशक, सोनीपत।