मुरथल थाना क्षेत्र के गांव में मई 2020 को मुकदमा दर्ज हुआ था। अदालत ने दोषी को 60 हजार रुपये जुर्माने की सजा भी सुनाई है। 50 हजार रुपये पीड़ित को देने के आदेश हैं। जुर्माना न देने पर सवा साल कठोर कारावास की सजा भुगतनी होगी।
हरियाणा के सोनीपत में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुरुचि अतरेजा सिंह की अदालत ने एक गांव की रहने वाली किशोरी का अपहरण करने के बाद खेत में ले जाकर दुष्कर्म करने के दोषी को 20 साल कैद और 60 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना राशि में से 50 हजार रुपये पीड़ित को देने के आदेश दिए गए हैं। जुर्माना नहीं भरने पर 15 माह कठोर कारावास की सजा भुगतनी होगी।
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मुरथल थाना क्षेत्र के एक गांव के रहने वाले व्यक्ति ने 5 मई, 2020 को पुलिस को बताया था कि उनकी 15 वर्षीय बेटी तड़के घर से बाहर गई थी। इस दौरान गांव के सुनील ने उसकी बेटी का घर के बाहर से अपहरण कर लिया और उसे खेत में ले जाकर दुष्कर्म किया। जब उन्होंने अपनी बेटी की तलाश की थी तो वह खेत में मिली।
बेटे ने अपने साथ हुए दुष्कर्म के बारे में बताया। व्यक्ति की शिकायत पर पुलिस ने किशोरी के अपहरण व दुष्कर्म तथा 4 पोक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया था। मामले में कार्रवाई करते हुए तत्कालीन एएसआई मनीषा की टीम ने आरोपी सुनील को 5 मई, 20202 की देर रात गांव के पास से गिरफ्तार कर लिया था। उसे अदालत में पेश कर अदालत के आदेश पर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था।
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मामले में सुनवाई के दौरान एएसजे सुरुचि अतरेजा सिंह की अदालत ने आरोपी सुनील को दोषी करार दिया। अदालत ने सुनील उर्फ बल्ली को 4 पोक्सो एक्ट में 20 साल की कैद व 50 हजार रुपये जुर्माना तथा भादंसं की धारा 363 में पांच साल की कैद व 10 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। दोनों सजा एक साथ चलेगी। जुर्माना राशि में से 50 हजार रुपये पीड़ित को देने के आदेश दिए गए हैं। जुर्माना न देने पर सवा साल कठोर कारावास की सजा भुगतनी होगी।