संवाद न्यूज एजेंसी
सोनीपत। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुरुचि अतरेजा सिंह ने 13 साल की बालिका से दुष्कर्म के मामले में सुनवाई के बाद आरोपी को दोषी करार दिया है। अदालत ने दोषी को 20 साल कैद व 60 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना राशि में से 50 हजार रुपये पीड़िता को देने के आदेश दिए गए हैं।
मूलरूप से उत्तर प्रदेश के जिला लखीमपुर खीरी निवासी युवक ने 12 जनवरी को कुंडली थाना पुलिस को बताया था कि उनका परिवार कुंडली थाना क्षेत्र में किराये पर रहता है। उनका परिवार फैक्टरी में कार्य करता है। परिवार के सदस्य 11 जनवरी को फैक्टरी में काम करने गए थे। घर पर उनकी 13 साल की बहन अकेली थी। उनके क्षेत्र में किराये पर रहने वाला उत्तर प्रदेश के जिला हरदोई के गांव तलौली का रहने वाला पारस उनकी बहन को बहकाकर अपने कमरे पर ले गया था।
आरोपी ने उनकी बहन के साथ दुष्कर्म कर दिया। जब वह शाम को वापस आए तो उनकी बहन रो रही थी। जब उसने व उनकी मां ने उससे पूछा तो उसने मामले से अवगत कराया था। उन्होंने पुलिस को अवगत कराया था। पुलिस ने मामले में दुष्कर्म व धमकी देने का मुकदमा दर्ज किया था। बाद में आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था।
एएसजे सुरुचि अतरेजा सिंह की अदालत ने दोषी को 4 पॉक्सो एक्ट में 20 साल कैद व 50 हजार रुपये जुर्माना, धमकी देने के मामले में सात साल कैद व 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। दोनों सजाएं एक साथ चलेंगी। जुर्माना राशि में से 50 हजार रुपये पीड़िता को देने के आदेश दिए हैं। जुर्माना राशि न देने पर डेढ़ साल अतिरिक्त कैद की सजा भुगतनी होगी।