सोनीपत के अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुरुचि अतरेजा सिंह की अदालत ने किशोरी से दुष्कर्म करने के मामले में सुनवाई करते हुए आरोपी को दोषी करार दिया है। अदालत ने दोषी को 20 साल कैद और 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना राशि में से 40 हजार रुपये पीड़िता को देने के आदेश किए गए हैं। जुर्माना अदा न करने पर एक साल अतिरिक्त कैद की सजा भुगतनी होगी।
खरखौदा थाना क्षेत्र के गांव की बुजुर्ग महिला ने 28 नवंबर, 2020 को पुलिस को बताया था कि 27 नवंबर, 2020 को उसकी साढ़े 14 साल की पोती घर पर मौजूद थी। इसी दौरान पड़ोस की एक युवती उनके घर आई थी। वह उसकी पोती को बुलाकर अपने घर पर ले गई थी। उनके घर पर पहले से ही गांव का आशीष और पानीपत के गांव का युवक मौजूद थे। उसकी पोती ने उसे 28 नवंबर की सुबह बताया कि पड़ोस की युवती के घर जाने के बाद आरोपी आशीष ने युवती के घर के अंदर कमरे में उसे बंद कर दिया था और उसके साथ दुष्कर्म किया था। इस पर उसने पुलिस को शिकायत दी थी। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई करते हुए आशीष को गिरफ्तार कर लिया था। आरोपी को अदालत में पेश कर जेल भेज दिया था।
मामले में सुनवाई के बाद एएसजे सुरुचि अतरेजा सिंह अदालत ने आरोपी आशीष को दोषी करार दिया। अदालत ने दोषी को 4 पॉक्सो एक्ट में 20 साल कैद व 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना न देने पर एक साल अतिरिक्त कैद की सजा भुगतनी होगी।